KNEWS DESK – सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसी बीच बोर्ड ने 12वीं के छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री (इंप्रूवमेंट) परीक्षा से जुड़े नियमों में अहम बदलाव का ऐलान किया है। यह फैसला देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित करेगा।
अब सिर्फ एक विषय में दे सकेंगे सप्लीमेंट्री
अब तक 12वीं का रिजल्ट आने के बाद छात्र एक से अधिक विषयों में नंबर सुधार के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकते थे। यह परीक्षा आमतौर पर रिजल्ट के दो महीने के भीतर आयोजित होती थी।
लेकिन नए नियम के मुताबिक, 2026 से 12वीं के छात्र सिर्फ एक ही विषय में सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर अंक सुधार सकेंगे। यानी अगर किसी छात्र को एक से ज्यादा विषयों में नंबर बढ़ाने हैं, तो अब उसे अलग रास्ता अपनाना होगा।
एक से ज्यादा विषय में सुधार के लिए क्या करना होगा?
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को एक से अधिक विषयों में नंबर सुधारने हैं, उन्हें अगले साल होने वाली मेन बोर्ड परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा।
अर्थात:
- एक विषय में सुधार = सप्लीमेंट्री परीक्षा
- एक से अधिक विषय में सुधार = अगले वर्ष की नियमित बोर्ड परीक्षा
सप्लीमेंट्री परीक्षा की संभावित तारीख
बोर्ड ने 2026 के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटेटिव शेड्यूल भी जारी किया है।
- रिजल्ट: मई 2026 में जारी होने की संभावना
- सप्लीमेंट्री परीक्षा: 15 जुलाई 2026 (प्रस्तावित)
रिजल्ट जारी होने के बाद विस्तृत सर्कुलर और आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
नियमों में इस बदलाव का सीधा असर छात्रों की रणनीति पर पड़ेगा। पहले जहां कई विषयों में सुधार का विकल्प था, अब मौका सीमित हो गया है।
इसका मतलब है कि छात्रों को मुख्य बोर्ड परीक्षा में ही बेहतर प्रदर्शन के लिए ज्यादा तैयारी करनी होगी। जो छात्र कई विषयों में कम अंक लाते हैं, उनके लिए साल बचाना अब थोड़ा कठिन हो सकता है।
बोर्ड परीक्षा को ‘पहला और आखिरी मौका’ मानकर तैयारी करें। जिन विषयों में कमजोरी है, उन पर अभी से फोकस बढ़ाएं। रिजल्ट के बाद विकल्पों को समझकर ही निर्णय लें।