डिजिटल डेस्क- कानपुर में सोमवार सुबह करीब 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया, जब दो व्यक्तियों ने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए तुरंत दोनों को पकड़ लिया और उनके हाथ से डीजल की बोतल छीन ली। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस फोर्स तुरंत कलेक्ट्रेट पहुंची और दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस जांच में उनकी पहचान पदम सिंह और मोती सिंह के रूप में हुई है। दोनों वर्तमान में नौबस्ता स्थित आवास विकास क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि मूल रूप से वे कानपुर देहात के मैथा क्षेत्र के रहने वाले हैं।
दबंगों द्वारा जमीन कब्जाने से थे परेशान
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि नौबस्ता आवास विकास में उनकी जमीन पर कुछ दबंगों द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को लेकर वे कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला। उनका कहना है कि लगातार अनदेखी और कार्रवाई न होने से वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों व्यक्ति अचानक कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे और अपने ऊपर डीजल डालना शुरू कर दिया।
आग लगाने से पहले ही सुरक्षाकर्मियों ने किया काबू
इससे पहले कि वे माचिस या किसी अन्य माध्यम से आग लगा पाते, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें काबू में कर लिया। मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। संबंधित विभागों से जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या वाकई आरोपियों की शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही बरती गई थी।