डिजिटल डेस्क- महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रविवार सुबह से ही बड़े शिव मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं विशेष रुद्राभिषेक हो रहे हैं तो कहीं पूरी रात भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया गया। लंबी कतारों और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सकें। राजस्थान के उदयपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट के साथ अम्बेरी स्थित प्राचीन श्री अमरख महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर देवाधिदेव महादेव की आराधना का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सीएम ने कहा कि यह धाम शताब्दियों से तप, वैराग्य और शिव चेतना का जीवंत केंद्र रहा है।
आत्मा के भीतर शिवत्व का जागरण का पर्व है- सीएम रेखा गुप्ता
रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि आत्मा के भीतर शिवत्व के जागरण का पर्व है। “शिव ही शून्य हैं, शिव ही अनंत हैं, और शिव ही वह आधार हैं जहां से सृजन, संतुलन और परिवर्तन का प्रवाह प्रारंभ होता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद दिल्ली और पूरे देश पर बना रहे तथा सभी को सेवा और लोककल्याण के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति मिले। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद, रविन्द्र इन्द्राज, विधायक अनिल शर्मा समेत भाजपा और राजस्थान के कई नेता मौजूद रहे। इधर, उत्तर प्रदेश में भी महाशिवरात्रि के साथ माघ मेले का अंतिम स्नान पड़ने से भारी भीड़ देखने को मिली। प्रयागराज के संगम घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, शनिवार रात से अब तक करीब 10 लाख भक्तों ने पवित्र संगम में डुबकी लगाई है। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल और जल पुलिस की तैनाती की गई है।
लगी लंबी-लंबी कतारें
वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भी दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं और व्यवस्थित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा नावों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। देशभर के प्रमुख शिवधामों उज्जैन, सोमनाथ, केदारनाथ और अन्य तीर्थस्थलों पर भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है। प्रशासन की ओर से चिकित्सा शिविर, जलपान केंद्र और सहायता डेस्क स्थापित किए गए हैं।