KNEWS DESK- शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि साल का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। खासतौर पर अविवाहित युवक-युवतियां मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से यह व्रत रखते हैं।

द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि व्रत की विधि, आहार नियम और जरूरी सावधानियां।
महाशिवरात्रि का व्रत कैसे रखें?
महाशिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप से तीन प्रकार से रखा जाता है:
निर्जला व्रत
इसमें दिनभर न भोजन किया जाता है और न ही जल ग्रहण किया जाता है। यह सबसे कठिन व्रत माना जाता है।
फलाहार व्रत
दिन में एक या दो बार फल और हल्का फलाहार लिया जा सकता है।
एकभुक्त व्रत
दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।
भक्त अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत का प्रकार चुन सकते हैं।
महाशिवरात्रि व्रत में कौन-कौन से फल खा सकते हैं?
यदि आप फलाहार व्रत रख रहे हैं, तो ताजे और सात्विक फल ग्रहण कर सकते हैं, जैसे: केला, सेब, अनार, पपीता, अंगूर, संतरा, तरबूज, खरबूजा, नाशपाती, अमरूद, कीवी, आम, चीकू, बेर, नारियल, स्ट्रॉबेरी, जामुन, अनानास, सीताफल और अंजीर। फल शरीर को ऊर्जा देते हैं और व्रत के दौरान कमजोरी नहीं होने देते।
महाशिवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?
यदि आप एक समय सात्विक भोजन कर रहे हैं, तो इन चीजों का सेवन कर सकते हैं:
- सूखे मेवे
- साबूदाने की खीर या खिचड़ी
- कुट्टू के आटे की पूरी या चीला
- सिंघाड़े के आटे की पूरी या हलवा
- समा के चावल
- शकरकंद
- लौकी या कद्दू की सब्जी
- दही
- आलू
- मखाने की खीर
भोजन बनाते समय देसी घी, गुड़, सेंधा नमक और घर के साधारण मसालों का ही प्रयोग करें। इसके अलावा पानी, दूध या नींबू पानी लिया जा सकता है।
महाशिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
व्रत के दौरान इन चीजों से परहेज करना चाहिए। अनाज (गेहूं, चावल आदि) चाय और कॉफी, मांसाहार, शराब, तामसिक भोजन इनका सेवन व्रत के नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
महाशिवरात्रि व्रत के जरूरी नियम
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- व्रत का संकल्प लेकर ही पूजा प्रारंभ करें।
- विधिपूर्वक शिवलिंग का अभिषेक करें।
- दिनभर अधिक से अधिक मंत्र जाप करें, विशेष रूप से “ॐ नमः शिवाय”।
- नकारात्मक विचारों और क्रोध से दूर रहें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करें।
- शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
महाशिवरात्रि का व्रत श्रद्धा, संयम और नियमों के पालन का पर्व है। सही विधि और सात्विक आहार के साथ किया गया व्रत आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करें। हर हर महादेव!