डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को उस समय असामान्य स्थिति पैदा हो गई जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का गुस्सा सदन में खुलकर सामने आ गया। लगातार हो रहे हंगामे से नाराज स्पीकर ने अपना हेडफोन टेबल पर फेंक दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस घटनाक्रम ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर का नाम सवाल पूछने के लिए पुकारा। इसी बीच विपक्ष के कुछ सदस्य नारेबाजी और हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष बार-बार उन्हें बैठने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते रहे। स्थिति संभलती इससे पहले सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी अपनी सीटों से खड़े हो गए।
भाजपा विधायक केतकी सिंह पर जताई नाराजगी
इस पर स्पीकर ने सख्त लहजे में कहा कि सदन को शांत कराना उनका काम है, किसी अन्य सदस्य का नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यवस्था बनाए रखना अध्यक्ष की जिम्मेदारी है और इसमें अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं है। हंगामा थमता न देख स्पीकर ने भाजपा विधायक केतकी सिंह का नाम लेते हुए नाराजगी जताई और कहा, “अब आप हाउस चलाओगे क्या? आपको हाउस चलाना है क्या?” इसके तुरंत बाद उन्होंने गुस्से में अपना हेडफोन टेबल पर फेंक दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
गला चुनाव भाजपाई आपस में लड़ेंगे क्या?… अखिलेश यादव ने कसा तंज
इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की हार की हताशा अब सड़क से लेकर सदन तक दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “पहले भाजपा विधायक ने मंत्री के साथ सड़क पर अभद्रता की, अब सदन में भाजपा विधायक के व्यवहार से सभापति नाराज हो गए। जनता पूछ रही है कि अगला चुनाव भाजपाई आपस में लड़ेंगे क्या?” अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अब देखना होगा कि कौन किसे अवमानना का नोटिस देता है। उनके बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।