कानून व्यवस्था का सवाल,प्रदेश में बवाल ! 


उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट , उत्तराखंड राज्य हमेशा से अपने प्राकृतिक सौंदर्य, देवत्व, शान्त वातावरण व सौहार्द के लिये पहचाना जाता है. जिसके चलते राज्य को देवभूमि भी कहा जाता है, लेकिन राज्य मे बढ़ते अपराधों के घटनाक्रमों से कही न कही देवभूमि कहे जाने वाले राज्य को नज़र भी लगती हुई नज़र आ रही है.राजधानी दून में एक और हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. शुक्रवार 13 फरवरी सुबह के समय एक व्यक्ति को गोली मारी गई है. प्रथम सूचना के आधार पर सिल्वर सिटी के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया है. थाना राजपुर पुलिस ने गोली मारे जाने की पुष्टि की है. बात केवल राजधानी देहरादून की ही करे तो पंद्रह दिनों के अंतराल में अब तक पांच बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है, जहाँ एक ओर बीते दिनों देहरादून के विकासनगर, ऋषिकेश व मच्छीबाजार मे बड़ी घटनाओं के मामले अभी भी चर्चाओं मे कम होने का नाम नही ले रहे है. वही बीते बुधवार की सुबह देहरादून के घंटाघर के नजदीक तिब्बती मार्केट के पास दिन दहाड़े हुई, एक और घटना ने प्रदेश मे डर का माहौल बना दिया है.गोली मारकर हत्या करने की आज ताजी घटना राजधानी देहरादून के राजपुर रोड सिल्वर सिटी की है. विक्रम सिंह निवासी सहस्त्रधारा रोड जिम में फिटनेस करके बाहर निकल रहे थे. इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें तीन गोलियां मारी हैं. राजधानी देहरादून में एक और हत्याकांड से हड़कंप मच गया है. एसएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर है. ये घटना राजपुर थाना क्षेत्र इलाके की है. पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के सहारे जांच आगे बढ़ रही है. वही शहर के व्यस्थ मार्ग मे दिन दहाड़े इस घटना के घटित होने के बाद विपक्ष भी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है, विपक्ष का मानना है कि पुलिस तंत्र केवल राजनितिक हितो को साधने मे लगा है. जिसके कारण प्रदेश की कानून व्यवस्था कमजोर होती जा रही है. और अपराधियों के हौसले भी बुलंद होते दिख रहे है. जिसके बाद इन तमाम घटनाओं ने प्रदेश में दहशत के साथ साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल उत्पन्न कर दी है. जहाँ एक ओर विपक्ष प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है. तो वही सत्ता पक्ष भी अपने दावे पेश करता नज़र आ रहा

गौर हो कि, दो दिन पहले ही गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की तिब्बती मार्केट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हालांकि, पुलिस मुठभेड़ के बाद गोली मारने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि अर्जुन की मां ने ही अपने सहयोगियों के साथ 12 लाख रुपए में अर्जुन का मर्डर प्लान किया था. पुलिस ने देर शाम तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया.वही आज 15 दिनों के भीतर ही पांचवी घटना से राजधानी का मौहाल बेहद डर के साये से गुजर रहा है.घटना आज शुक्रवार 13 फरवरी सुबह के समय एक व्यक्ति को गोली मारी गई है. प्रथम सूचना के आधार पर सिल्वर सिटी के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया है.जो कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है.साथ ही  जिसको लेकर मुख्य मंत्री धामी ने हालही में सचिवालय में कानून व्यवस्था को दुरस्त रखने के लिए आलाधिकारियों के साथ हाईलेबल बैठक कर सख्ती से निपटने के कड़े सन्देश भी दिए. वही शहर के व्यस्थ मार्ग मे दिन दहाड़े इस घटना के घटित होने के बाद विपक्ष भी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है,

हालही में राजधानी देहरादून में हुई लगातार घटनाओं में खास बात यह भी है. कि घटनास्थल के पास ही प्रेस क्लब स्थित है. कुछ दिन पहले ही देहरादून में एक पत्रकार पर हमले की घटना सामने आई थी. वहीं इसी इलाके से कुछ दूरी पर स्थित पलटन बाजार में हाल ही में एक युवती पर चापड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी. और आज शुक्रवार 13 फरवरी सुबह के समय एक व्यक्ति को गोली मारी गई है. प्रथम सूचना के आधार पर सिल्वर सिटी के पास इस वारदात को अंजाम दिया गया है.लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने आम लोगों के मन में भय का माहौल पैदा कर दिया है.ऐसे में विपक्ष के कानून व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवाल भी लाजमी है.वही साथ ही बढ़ते अपराधों को लेकर एक बार भाजपा व विपक्षी दलों में जवाबो को लेकर तनातनी जैसे शब्दों में वार शुरू हो गए है.

उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों के भीतर हुई कई गंभीर आपराधिक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. देहरादून, हल्द्वानी और हरिद्वार समेत प्रदेश भर से सामने आई आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है. इन मामलों ने कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. घटनाएं भले अलग-अलग जिलों में हुई हों, लेकिन प्रदेश भर के आम नागरिकों में भय का माहौल बढ़ता जा रहा है.लेकिन इस आज की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है, कि आखिर देहरादून में बढ़ते अपराधों पर कब लगाम लगेगी, जब राजधानी का सबसे सुरक्षित इलाका भी अपराधियों के निशाने पर है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है.

 

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