डिजिटल डेस्क- बांग्लादेश में जारी मतदान के दौरान हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है। खुलना जिले में बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) और जमात-ए-इस्लामी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में बीएनपी के एक नेता की मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर मतदान के दिन यह पहली हत्या मानी जा रही है, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना की तैनाती की गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुलना के आलिया मदरसे में मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद वोटों में कथित हेराफेरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। इस संघर्ष में बीएनपी के पूर्व कार्यालय सचिव हिफ़ुज़्ज़मान कोच्चि गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज जब्त
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इलाके में शांति बहाल करने की कोशिश की जा रही है। घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए गए हैं और आगे की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीएनपी नेताओं का आरोप है कि जिस मदरसे में यह घटना हुई, उसका प्रमुख जमात से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि जब पार्टी नेता मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए वहां पहुंचे, तो उन्हें रोका गया और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला हाथापाई से हिंसा में बदल गया।
गोपालगंज में कॉकटेल हमला
इस बीच, प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार गोपालगंज सदर उपज़िला के एक मतदान केंद्र पर वोटिंग के दौरान कॉकटेल बम फेंका गया। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं। गोपालगंज को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां सुबह से ही तनाव का माहौल बना हुआ है।
ढाका में भी आरोप-प्रत्यारोप
राजधानी ढाका में भी मतदान को लेकर विवाद गहराता दिख रहा है। जमात-ए-इस्लामी ने ढाका-15 सीट के 13 बूथों पर अनियमित मतदान का आरोप लगाया है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार तस्नीम जारा ने दावा किया है कि उन्हें मतदान केंद्र से जबरन बाहर कर दिया गया। जारा भी इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं।