डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। कबीर ने दावा किया है कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और प्रशासन उनके खिलाफ गलत मंशा से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने ऐलान किया है कि 14 फरवरी को वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मुर्शिदाबाद के बेरहामपुर टेक्सटाइल मोड़ से एसपी कार्यालय तक विशाल मार्च निकालेंगे। कबीर ने कहा कि वह “कॉलर पकड़कर जवाब मांगेंगे” और किसी प्रकार का नोटिस देने के बजाय सीधे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उनका दावा है कि इस मार्च में एक लाख लोग शामिल होंगे।
मस्जिद निर्माण के लिए सामग्री लेकर जा रहे ट्रकों को रोकने से बनी थी विवाद की स्थिति
बुधवार (11 फरवरी) को मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। निर्माण सामग्री ले जा रहे ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोके जाने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन ट्रकों को रोका गया था, जबकि कबीर ने इसे प्रशासन की बाधा डालने की कोशिश बताया है। उनके अनुसार मस्जिद निर्माण पूरा होने में करीब दो साल लगेंगे। कबीर ने बीजेपी नेता अर्जुन सिंह पर भी तीखा हमला बोला और जिले में जमीन-संपत्ति मामलों में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।
6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में रखी थी बाबरी मस्जिद की नींव
उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की बिल्डिंग से जुड़े मामले में सिर्फ जमीन को फ्रीज करने के बजाय पूरी इमारत को ही फ्रीज कर दिया गया, जो प्रशासन की “गलत मंशा” दर्शाता है। गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी, जिसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ का गठन किया। वे लगातार ममता बनर्जी सरकार और बीजेपी दोनों पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।