डिजिटल डेस्क- लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान बुधवार को सदन में उस वक्त दिलचस्प और तीखा दृश्य देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल के बीच जुबानी तकरार हो गई। चर्चा के दौरान राहुल गांधी कई बार विषय से भटकते नजर आए, जिस पर जगदंबिका पाल ने उन्हें बार-बार नियमों का हवाला देते हुए बजट तक सीमित रहने को कहा। इसी दौरान राहुल गांधी ने हल्के अंदाज में कहा कि “आप भी एक समय हमारी पार्टी में हुआ करते थे।” इस पर जगदंबिका पाल ने तुरंत जवाब दिया, “मैं यहां पीठासीन अधिकारी के तौर पर हूं। अगर आप वहां (विपक्ष) बैठे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने मेरी सलाह नहीं मानी। मेरी सलाह माने होते तो आप वहां नहीं बैठे होते।” इस टिप्पणी पर सदन में हल्की हंसी और शोरगुल देखने को मिला।
21वीं सदी में डेटा ही सबसे बड़ी संपत्ति- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने भाषण में वैश्विक अस्थिरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है और डॉलर के दबदबे को चुनौती दी जा रही है। उनके मुताबिक 21वीं सदी में डेटा ही सबसे बड़ी संपत्ति है और भारत के पास 1.4 अरब लोगों का विशाल डेटा पूल है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि AI के बढ़ते प्रभाव से कई इंजीनियरों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने डिजिटल ट्रेड नियमों में ढील देकर देश के डेटा हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि डेटा लोकलाइजेशन, डिजिटल टैक्स और फ्री डेटा फ्लो जैसे मुद्दों पर सरकार ने अमेरिका के पक्ष में झुकाव दिखाया है।
भारत किसी भी सूरत में पाकिस्तान नहीं बनेगा
उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी सूरत में पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेगा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बराबरी के आधार पर बातचीत होनी चाहिए। भाषण के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती?” उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करते, लेकिन वे दबाव में हैं। जब राहुल ने कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों का जिक्र करना शुरू किया तो पीठासीन अध्यक्ष ने उन्हें रोकते हुए विषय पर लौटने को कहा।