KNEWS DESK – चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद असम की फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी है। आयोग के मुताबिक, राज्य की अंतिम वोटर लिस्ट में कुल 2.49 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जो ड्राफ्ट सूची के मुकाबले 0.97 प्रतिशत कम है। यह कदम राज्य में आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है।
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फाइनल लिस्ट में करीब 1.25 करोड़ पुरुष, 1.24 करोड़ महिला और 343 थर्ड जेंडर मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद ही यह अंतिम सूची प्रकाशित की गई है।
बयान के अनुसार, फाइनल वोटर लिस्ट से ड्राफ्ट सूची में शामिल 2.43 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल 27 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.52 करोड़ मतदाताओं के नाम थे। आयोग का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है।
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर सियासी टकराव
इधर, पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों और राज्य सरकार को दिए गए निर्देशों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए करारा जवाब बताया है। बीजेपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं और अब उनके पास लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि वह SIR की प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं करेगा। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को चुनाव आयोग के आरोपों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। आयोग ने आरोप लगाया था कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा उसके नोटिस जलाए गए। कोर्ट ने अपने 19 जनवरी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के डीजीपी, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि SIR के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जाए।