डिजिटल डेस्क- पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी अब एक कानूनी कार्रवाई भर नहीं रह गई है। यह मामला भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बिहार की राजनीति को झकझोर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह पप्पू यादव की मां शांति प्रिया देवी का वह भावुक बयान है, जिसने पूरे राज्य में आक्रोश और बहस को जन्म दे दिया है। अपने बेटे की गिरफ्तारी से टूट चुकी शांति प्रिया देवी ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा, “पप्पू यादव को रिहा करो। अगर उसे कुछ हुआ तो हम किसी को नहीं बख्शेंगे।” उन्होंने अपने बेटे पर गहरा भरोसा जताते हुए कहा, “पप्पू यादव मेरा बेटा नहीं है, वह भगवान का बेटा है। वह इस धरती पर लोगों की सेवा करने आया है।”
बेटे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है- शांति प्रिया देवी
शांति प्रिया देवी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को जानबूझकर फंसाया जा रहा है क्योंकि वह अन्याय, भ्रष्टाचार और सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिसने अपना पूरा जीवन गरीबों, पीड़ितों और शोषितों के लिए समर्पित कर दिया, आज उसी को अपराधी के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से भावुक शब्दों में कहा, “मेरे बेटे को मत छुओ, वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता।” उनके इस बयान के बाद पप्पू यादव के समर्थकों में गुस्सा और बेचैनी साफ देखी जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई है और एक ऐसे नेता को निशाना बनाया गया है, जो लगातार जनहित के मुद्दे उठाता रहा है।
शुक्रवार को आवास से गिरफ्तार हुए थे पप्पू यादव
पप्पू यादव की गिरफ्तारी शुक्रवार देर रात पटना में उनके मंदिरी स्थित आवास पर हुई। रात करीब 11 बजे कई थानों की पुलिस एक साथ उनके घर पहुंची। इस कार्रवाई का नेतृत्व सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप सिंह कर रहे थे, जबकि सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी भी मौके पर मौजूद थीं। पूरे ऑपरेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी करते नजर आए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। हालांकि गिरफ्तारी के तुरंत बाद पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पहले आईजीआईएमएस ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण किए गए।
विपक्ष साध रहा निशाना, नीट मामले के तहत हुई गिरफ्तारी
इस कार्रवाई ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि पप्पू यादव को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह हाल ही में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की उम्मीदवार की मौत जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर सड़कों से लेकर संसद तक सवाल उठा रहे थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने पप्पू यादव के समर्थन में बयान दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार और बिहार पुलिस राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है।