डिजिटल डेस्क- जूनियर क्रिकेट में भारत ने एक बार फिर पूरी दुनिया को अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने जिम्बाब्वे में खेले गए आईसीसी मेंस अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन बन गया है। हरारे में शुक्रवार 6 फरवरी को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से करारी शिकस्त दी। खास बात यह रही कि इस खिताबी जीत के लिए आईसीसी की ओर से कोई आर्थिक इनाम नहीं दिया गया, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने दिलदार अंदाज में युवा खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दी है। बोर्ड ने पूरी अंडर-19 टीम को 7.5 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है।
अबतक का सबसे बड़ा नकद पुरस्कार
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने शनिवार 7 फरवरी को टीम की जीत को पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए यह घोषणा की। अंडर-19 स्तर पर यह अब तक का सबसे बड़ा नकद इनाम है। इससे पहले 2025 में अंडर-19 महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को 5 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया था। आईसीसी की नीति के अनुसार अंडर-19 वर्ल्ड कप को खिलाड़ियों के विकास से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए इस स्तर पर विजेता टीम को आर्थिक इनाम नहीं दिया जाता। खिलाड़ी केवल ट्रॉफी और मेडल के साथ लौटते हैं। हालांकि BCCI लगातार यह संदेश देता आया है कि वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम को हर स्तर पर सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
कड़े मुकाबले को किया था अपने नाम
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस ऐतिहासिक स्कोर के हीरो रहे 14 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। पूरे टूर्नामेंट में तीन बार शतक से चूक चुके वैभव ने सबसे बड़े मंच पर विस्फोटक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। इंग्लैंड की टीम इस लक्ष्य के दबाव में बिखरती नजर आई। कैलब फॉल्कनर के शतक के बावजूद इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर सिमट गई। वैभव सूर्यवंशी को उनकी धमाकेदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, वहीं पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी मिला।