डिजिटल डेस्क- संभल जनपद के चंदौसी सराफा बाजार में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB), मुरादाबाद ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर पूरे व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। विभाग की टीम ने एक प्रमुख सराफा कारोबारी के शोरूम और आवास पर एक साथ छापेमारी की, जो करीब 21 घंटे तक लगातार चली। इस लंबी और गहन कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण सीज किए, जबकि मौके पर ही कारोबारी से 1.20 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा कराए गए। राज्य कर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित कारोबारी पर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी बनती है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह आंकड़ा शुरुआती है और जांच पूरी होने के बाद टैक्स बकाया की वास्तविक राशि और बढ़ सकती है।
छापेमारी के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी
छापेमारी की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी की निगरानी में कराई गई, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की गुंजाइश न रहे। कार्रवाई के दौरान शोरूम और आवास से बड़ी संख्या में कच्चे पर्चे, बिलों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इन सभी दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही स्टॉक का मिलान खातों से किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घोषित और वास्तविक स्टॉक में कितना अंतर है। इस बड़ी कार्रवाई की खबर फैलते ही चंदौसी के सराफा बाजार में अफरा-तफरी मच गई। व्यापारियों में दहशत का माहौल देखने को मिला और दिनभर बाजार में कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। कई दुकानों के शटर गिर गए, जबकि ग्राहकों की आवाजाही भी बेहद कम रही।
कार्रवाई के विरोध में दुकानें बंद, शुरू किया विरोध-प्रदर्शन
कार्रवाई के विरोध में सराफा कारोबारी और उनके समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और पूरे बाजार को बंद करा दिया, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप हो गया। कारोबारियों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई से बाजार की छवि खराब हुई है, जबकि टैक्स विभाग का दावा है कि यह कदम पूरी तरह कानून के दायरे में और राजस्व हित में उठाया गया है। विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है और किसी को भी अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।