KNEWS DESK- पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 1995 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पटना के IGIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा”, जिसके बाद उनके समर्थकों में चिंता के साथ-साथ आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
पुलिस टीम उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS लेकर पहुंची, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें गर्दनीबाग थाना लाया जाएगा। इसके बाद आज 11 बजे के बाद पप्पू यादव को MP-MLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि उन्हें कल देर रात गिरफ्तार किया गया था।
इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों और कई नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र का है। वर्ष 1995 में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया। बाद में मकान मालिक को पता चला कि उस मकान का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया जा रहा है, जबकि किराया लेते समय इस बात की जानकारी नहीं दी गई थी।
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले ही पटना की MP-MLA अदालत ने पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था। यह आदेश लंबे समय से अदालत में पेश न होने के कारण दिया गया। इससे पहले कोर्ट गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार भी जारी कर चुकी थी।
समर्थकों का कहना है कि गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव की तबीयत ठीक नहीं थी और वे बीमार थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। समर्थकों ने मांग की है कि सांसद को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
समर्थकों और सहयोगियों का यह भी आरोप है कि पप्पू यादव लगातार NEET से जुड़े मामलों और छात्रों के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे थे। इसी वजह से उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया है। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। फिलहाल सभी की निगाहें आज होने वाली कोर्ट पेशी पर टिकी हुई हैं, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।