डिजिटल डेस्क- कानपुर के हैलट अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) को पूरी तरह ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे डॉक्टर कहीं से भी मरीजों की स्थिति से जुड़े अहम पैरामीटर की निगरानी कर सकेंगे। इसके साथ ही मरीजों को पैथोलॉजी और रेडियो डायग्नोस्टिक जांचों की रिपोर्ट भी मोबाइल फोन पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में गुरुवार को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य) अमित घोष ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और हैलट अस्पताल के प्रबंधन के साथ जूम मीटिंग की। बैठक में अस्पताल में ई-हॉस्पिटल सिस्टम को पूरी तरह लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ई-हॉस्पिटल सिस्टम पर जोर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण (परचा) से लेकर जांच रिपोर्ट भेजने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होनी चाहिए। इससे मरीजों को लंबी कतारों और बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से राहत मिलेगी, वहीं डॉक्टरों को भी इलाज में सुविधा होगी। ऑनलाइन आईसीयू सिस्टम के जरिए मरीजों के ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल, हार्ट रेट और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इससे गंभीर मरीजों की स्थिति पर तुरंत निर्णय लेने में मदद मिलेगी और आपात स्थिति में इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी।
डॉक्टरों के लिए नई गाइडलाइंस
बैठक में डॉक्टरों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। एसीएस ने कहा कि डॉक्टर साल में दो नेशनल कॉन्फ्रेंस और दो साल में एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भाग ले सकते हैं। इसके लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय और कागजी कार्रवाई कम हो।