आपको कितने वोट मिले…. जनसुराज पार्टी प्रमुख को सुप्रीम कोर्ट से मिली फटकार, हाईकोर्ट जाने की दी सलाह

डिजिटल डेस्क- जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रशांत किशोर पर सख्त टिप्पणी भी की और उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने प्रशांत किशोर से सवाल करते हुए कहा कि आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? जनता ने आपको नकार दिया है और इसके बाद आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं। कोर्ट की इस टिप्पणी को प्रशांत किशोर के लिए बड़ी फटकार माना जा रहा है।

बिहार चुनाव में नहीं मिली एक भी सीट

गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर ने अपनी नई पार्टी जन सुराज पार्टी के जरिए सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिल सकी। इस करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि चुनाव गैरकानूनी तरीकों से कराए गए। प्रशांत किशोर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में मांग की गई थी कि बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द किया जाए और राज्य में दोबारा चुनाव कराए जाएं। याचिका में आरोप लगाया गया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद बिहार सरकार ने महिला वोटरों के खातों में 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों ठुकराई याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि उन्होंने सीधे शीर्ष अदालत का रुख क्यों किया, जबकि ऐसे मामलों में पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला उसके अधिकार क्षेत्र में सीधे सुनवाई योग्य नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए प्रशांत किशोर को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इसे प्रशांत किशोर के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जन सुराज पार्टी आगे हाईकोर्ट का रुख करती है या इस मामले को यहीं खत्म किया जाता है।

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