डिजिटल डेस्क- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कांग्रेस सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज विपक्ष इंप्लीमेंटेशन की बात करता है, लेकिन उन्हें खुद समझना चाहिए कि असली इंप्लीमेंटेशन क्या होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गांव-गांव तक विकास की धारा पहुंच रही है, लेकिन कांग्रेस को यह बदलाव नजर नहीं आता। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी “जीप और खच्चर मॉडल” से बाहर नहीं निकल पाई है। पीएम मोदी ने नर्मदा परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने उनके जन्म से पहले नर्मदा बांध की परिकल्पना की थी, लेकिन दशकों तक कांग्रेस सत्ता में रहने के बावजूद इस पर काम नहीं हुआ। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इस परियोजना का उद्घाटन किया। यही कांग्रेस का इंप्लीमेंटेशन मॉडल रहा है कल्पना बहुत, काम शून्य।़
पहले काम पूरा करने में विश्वास रखती है सरकार- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार और एनडीए का अप्रोच अलग है। हम समय से पहले काम पूरा करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाते हुए योजना आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। पीएम ने बताया कि एक नेता ने उन्हें बताया था कि पहाड़ी इलाकों में सड़कें नहीं थीं, इसलिए वहां सामान ढोने के लिए खच्चरों की जरूरत थी, लेकिन योजना आयोग केवल जीप के लिए फंड देने को तैयार था। खच्चरों के लिए फंड देने की पॉलिसी नहीं थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब सड़क ही नहीं थी, तो जीप का क्या काम? यह कांग्रेस शासन की जमीनी हकीकत से कटे हुए फैसलों की मिसाल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह किस्सा किसी और का नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के भाषण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही, जिसे इंदिरा गांधी खुद “पाप” मानती थीं। पीएम ने यह भी याद दिलाया कि जिस योजना आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे, उसके जन्मदाता इंदिरा गांधी के पिता थे।
2014 तक देश में था असंतोष का माहौल
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में असंतोष का माहौल था। सभी लोग सिस्टम की खामियों को देख रहे थे, लेकिन बदलाव की हिम्मत किसी ने नहीं की। 2014 के बाद जब जनता ने उन्हें मौका दिया, तो योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग बनाया गया। आज नीति आयोग तेजी से काम कर रहा है और राज्यों के साथ मिलकर विकास को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कई जिलों को “पिछड़ा” मानकर छोड़ दिया था और वहां रहने वाले लोगों की मौलिक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया। उनकी सरकार ने इस सोच को बदला। योग्य और होनहार अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई और विकास को अंतिम पायदान तक पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ के बस्तर का दिया उदाहरण
उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी जिस इलाके को पिछड़ा और उपेक्षित माना जाता था, वही बस्तर आज पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से पहचाना जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि सही नीति, मजबूत इंप्लीमेंटेशन और ईमानदार नीयत से देश के सबसे दूरदराज के इलाकों को भी विकास की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।