KNEWS DESK- लोकसभा में गतिरोध के बाद राज्यसभा में भी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने इस बात को राज्यसभा में भी उठाया, लेकिन सभापति सीपी राधाकृष्णन और राज्यसभा के नेता जेपी नड्डा ने इसे असंगत बताया।
सभापति और नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकसभा की कार्यवाही के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती। यदि खरगे चाहते हैं कि लोकसभा में सुचारू रूप से चर्चा हो, तो उन्हें राहुल गांधी और अपने दल के नेताओं से बात करनी चाहिए।
राज्यसभा में विपक्षी दलों के हंगामे और नारेबाजी के बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं सुनना चाहती तो यह उनका अधिकार है। हालांकि, अन्य विपक्षी दल और सांसद पीएम मोदी के जवाब सुनना चाहते हैं।
रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष और खासकर राहुल गांधी को निर्देश देते हुए कहा कि राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, और इसकी कार्यवाही नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पिछले चार दिनों से जारी है, और आज लोकसभा की कार्यवाही पर चर्चा इस सदन में नहीं हो सकती।
राज्यसभा में यह घटनाक्रम दिखाता है कि संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक तनाव और गतिरोध अभी भी जारी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच यह देखना बाकी है कि अगले सत्रों में संसदीय कार्यकाज सुचारू रूप से कैसे चलता है।