KNEWS DESK – लोकसभा में चल रही चर्चा के दौरान सियासी माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए उनकी रणनीति और मंशा पर सवाल खड़े किए।
निशिकांत दुबे का नेहरू-गांधी परिवार पर तीखा प्रहार
निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी एक अप्रकाशित किताब को लेकर पिछले तीन दिनों से संसद को “बंधक” बनाए हुए हैं। उन्होंने सदन में कहा, “राहुल गांधी की एक किताब के जवाब में मैं 100 किताबें लेकर संसद आया हूं। नेहरू-गांधी परिवार की मक्कारी का इतिहास देश के सामने आना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के बंटवारे के समय माउंटबेटन और एडविना के साथ मिलकर किस तरह फैसले लिए गए और किस तरह देश की अहम जानकारियां साझा की गईं, यह सब अब जनता के सामने आना चाहिए।
‘झूठ और भ्रष्टाचार का इतिहास’
बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि नेहरू-गांधी परिवार का इतिहास झूठ, मक्कारी, भ्रष्टाचार और देश तोड़ने वाली ताकतों से समझौते से भरा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन मुद्दों से जुड़ी कई किताबों पर कांग्रेस सरकारों के दौर में बैन लगाया गया, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
निशिकांत दुबे ने कहा, “पूरी कांग्रेस पार्टी ने देश को नुकसान पहुंचाया है। यह परिवार आज भी खुद को देश का राजा समझता है और राजशाही मानसिकता में जी रहा है। हम चाहते हैं कि इन किताबों पर भी संसद में चर्चा हो।”
राहुल गांधी का पीएम पर आरोप
इससे पहले बुधवार (4 फरवरी 2026) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व थलसेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब की कॉपी लेकर सदन में पहुंचे थे। उन्होंने किताब के एक अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संवैधानिक उत्तरदायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री सदन में आते हैं, तो वह यह किताब उन्हें गिफ्ट करेंगे।