KNEWS DESK- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। चीन के साथ सीमा विवाद से जुड़े संदर्भों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने जब-जब संसद के भीतर यह मुद्दा उठाने की कोशिश की, उन्हें बोलने नहीं दिया गया। अब राहुल गांधी संसद के बाहर खुद उस किताब को लेकर सामने आए और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की किताब को हवा में लहराते हुए कहा कि यह किताब विदेशों में उपलब्ध है, लेकिन भारत में इसे प्रकाशित नहीं होने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब संसद आएंगे तो वह उन्हें यह किताब भेंट करेंगे।
राहुल गांधी ने कहा, “मुझे लगता है कि यह किताब विदेश में पब्लिश हो चुकी है और वहीं उपलब्ध है। सरकार इसे यहां पब्लिश नहीं होने दे रही है। यह किताब मौजूद है, लेकिन यहां नहीं।” किताब कहां से मिली, इस सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह किताब कहां से आई होगी। आप खुद सोचिए।”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए लंबे पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, “अगर प्रधानमंत्री आज संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा। यह किसी विपक्षी नेता या विदेशी लेखक की किताब नहीं है, बल्कि देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब है। हैरानी की बात यह है कि कैबिनेट मंत्रियों के मुताबिक यह किताब मौजूद ही नहीं है।”
राहुल गांधी ने किताब का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जब चीनी सेना भारतीय सीमा में घुस आई थी, उस नाजुक समय में सेना प्रमुख को इंतजार कराया गया। उन्होंने कहा कि किताब में लिखा है कि निर्णय के वक्त प्रधानमंत्री ने सेना प्रमुख से कहा “जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।”
राहुल गांधी ने कहा, “देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट के समय प्रधानमंत्री ने राजनीतिक जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए। जनरल नरवणे खुद लिखते हैं कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया।”
राहुल गांधी ने कहा कि यही वह सच्चाई है जिसे संसद में बोलने से उन्हें रोका जा रहा है। उनका आरोप है कि देश सरकार से सवाल पूछ रहा है, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।