डिजिटल डेस्क- भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील आखिरकार फाइनल हो गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को इस ऐतिहासिक समझौते का औपचारिक ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सोमवार को दोनों देशों के बीच बड़े व्यापार समझौते पर सहमति बनी, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह टैरिफ करीब 50 प्रतिशत तक था, जिसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाई गई 25 प्रतिशत की पेनल्टी भी शामिल थी। पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम है। टैरिफ में कटौती से भारत को चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे निर्यात प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिलेगी। इससे भारतीय निर्यात को मजबूती मिलेगी और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति- पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस डील से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और करोड़ों नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए यह लंबे समय से प्रतीक्षित समझौता पूरा किया गया है। गोयल ने कहा, “इस समझौते से भारत के 1.4 अरब लोगों को फायदा होगा। गरीबों, किसानों, मछुआरों, युवाओं और महिलाओं सभी के लिए यह डील लाभकारी साबित होगी।” मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और विकास सहयोग के एक नए दौर की शुरुआत है। इससे मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
भारत के संवेदनशील क्षेत्रों का रखा गया है ध्यान
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों का पूरा ध्यान रखा गया है। डेयरी और कृषि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और उत्पादकों के हितों से कोई समझौता न हो। गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत के पड़ोसी देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर शर्तों पर हुआ है। गौरतलब है कि सोमवार देर शाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि भारत अब अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए तैयार है और रूस से तेल आयात बंद करेगा। इस घोषणा के बाद दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है।