KNEWS DESK- केंद्रीय बजट 2026–27 में दिल्ली के विकास को लेकर बड़ा प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार की कुल 121 योजनाओं का सीधा लाभ राजधानी को मिलेगा, जिसके लिए 13,943 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इनमें 82 सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम्स और 39 सेंट्रली सेक्टर स्कीमें शामिल हैं। इन योजनाओं से स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में दिल्ली को व्यापक मजबूती मिलेगी।
सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम्स के तहत केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां इन योजनाओं के लिए 12,483 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 13,611 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस बढ़े हुए बजट का पूरा लाभ दिल्ली में चल रही 82 सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम्स को मिलेगा, जिन्हें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लागू करती हैं।
वहीं सेंट्रली सेक्टर स्कीम्स के अंतर्गत दिल्ली में कुल 39 योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं के लिए तीन केंद्र शासित राज्यों को कुल 332 करोड़ रुपये का फंड दिया गया है, जिसमें दिल्ली का पूरा हिस्सा शामिल रहेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन योजनाओं से सामाजिक कल्याण, शहरी सुविधाओं और समग्र विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
केंद्रीय बजट में दिल्ली के हेल्थ केयर सिस्टम को भी बड़ा सहारा दिया गया है। राजधानी के प्रमुख केंद्रीय अस्पतालों के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें एम्स, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं। दिल्ली और आसपास के लाखों लोग इन अस्पतालों में इलाज कराते हैं, ऐसे में यह फैसला आम जनता के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।
बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए भी फंड में बढ़ोतरी की गई है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को मिलने वाली राशि का लाभ दिल्ली के स्कूलों तक पहुंचेगा। इसके साथ ही इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास प्रस्तावित पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स से दिल्ली के छात्रों को भी जोड़ने की योजना है। दिल्ली सरकार नरेला में प्रस्तावित एजुकेशन हब को इन केंद्रीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों को मिलने वाले संसाधनों से दिल्ली की यूनिवर्सिटीज और आईआईटी को भी सीधा लाभ मिलेगा, जिससे रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली सरकार का एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर पर पहले से खास फोकस रहा है। बजट में देशभर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोलने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें दिल्ली के स्कूलों और कॉलेजों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, वर्चुअल लैब्स और एडवांस रिसर्च प्रोग्राम के लिए आवंटित बजट का दिल्ली को पूरा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देने का फैसला आईटी सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे दिल्ली में टेक्नोलॉजी आधारित निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026–27 दिल्ली के लिए विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलने वाला साबित हो सकता है, जिससे राजधानी की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।