डिजिटल डेस्क- बिहार के औरंगाबाद जिले से एक बेहद हृदय विदारक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर मोती बिगहा गांव में पांच नाबालिग सहेलियों ने कथित तौर पर एक साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में चार किशोरियों की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना करीब दो दिन पहले हुई, लेकिन इसका खुलासा अब जाकर हुआ है। बताया जा रहा है कि पांचों नाबालिग लड़कियां जमाल बिगहा जाने वाली सड़क पर एक साथ बैठी थीं। इसी दौरान सभी ने एक साथ जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद एक लड़की किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
मृतक किशोरियों ने परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए करा दिया अंतिम संस्कार
परिजनों ने तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, जहर खाने के बाद बाकी चार किशोरियां सड़क किनारे स्थित एक खेत की ओर चली गईं, जहां कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। बाद में चारों के शव उसी खेत में मिलने की बात सामने आई। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक किशोरियों के परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए चारों का अंतिम संस्कार कर दिया। न तो इस संबंध में थाने में कोई शिकायत दर्ज कराई गई और न ही किसी तरह की जांच की मांग की गई। गांव के लोगों ने भी इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है और कोई भी खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है।
एकमात्र जीवित किशोरी के बयान से खुलेगा मौत का राज
हालांकि, जैसे ही यह खबर इलाके से बाहर फैली, जिला प्रशासन हरकत में आ गया। रविवार को दाउदनगर के एसडीपीओ खुद गांव पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। एसडीपीओ ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली है, लेकिन फिलहाल गांव के किसी भी व्यक्ति ने आधिकारिक रूप से पांच नाबालिग लड़कियों के एक साथ जहर खाने और चार की मौत की पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किस परिस्थिति में जहर खाया गया, यह आत्महत्या का मामला है या किसी ने उन्हें जहर खिलाया, इन सभी बिंदुओं पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस के अनुसार, जो किशोरी जीवित है, उससे बयान दर्ज करने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
पुलिस हर बिंदुओं की जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन हर पहलू से जांच कर रहा है। मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल से मिली जानकारी और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि परिजनों द्वारा बिना सूचना अंतिम संस्कार क्यों किया गया और इस मामले में कहीं कोई दबाव या भय का माहौल तो नहीं था।