गाजियाबाद में पासपोर्ट घोटाला: एक मोबाइल नंबर, एक पता और 25 पासपोर्ट, किसी बड़े नेटवर्क के खेल की तरफ इशारा

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पासपोर्ट से जुड़ा एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर पर 25 पासपोर्ट बनाए जाने का मामला उजागर हुआ है। जैसे ही इस जालसाजी की जानकारी पुलिस को मिली, तत्काल पासपोर्ट विभाग को सूचित किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन 25 लोगों के नाम पर पासपोर्ट जारी किए गए, उन सभी के आवेदन फॉर्म में एक ही एड्रेस और एक ही मोबाइल नंबर दर्ज है। ये सभी पासपोर्ट अगस्त से सितंबर 2022 के बीच बनवाए गए थे। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को आशंका है कि यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े आपराधिक या संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।

इस घोटाले में पोस्टमैन को भी बनाया गया है आरोपी

मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा डाक विभाग से जुड़ा है। पुलिस ने इस केस में पोस्टमैन अरुण कुमार को भी आरोपी बनाया है। अरुण कुमार पिछले 12 वर्षों से भोजपुर क्षेत्र में पोस्टमैन के तौर पर काम कर रहा था। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि करीब पांच महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश नाम के दो लोग उसके संपर्क में आए थे। दोनों ने उससे कहा था कि जिन पासपोर्ट पर जो पता लिखा है, वहां डिलीवरी न कर वह पासपोर्ट उन्हें दे दे। इसके बदले आरोपियों ने पोस्टमैन को प्रति पासपोर्ट 2000 रुपये देने की पेशकश की। पैसों के लालच में आकर अरुण कुमार इस जाल में फंस गया और संबंधित पते पर पहुंचे सभी पासपोर्ट आरोपियों को सौंपता रहा। पुलिस के मुताबिक, इस तरह कई पासपोर्ट गलत हाथों में पहुंच गए।

पुलिस वेरिफिकेशन पर खड़े हुए सवाल

पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघा राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महेंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह सहित 25 लोगों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पोस्टमैन अरुण कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट ऑफिस की जांच के एक ही पते पर इतने पासपोर्ट आखिर कैसे जारी हो गए। पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है, इसके बावजूद यह चूक कैसे हुई इस पर पुलिस फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने से बच रही है।

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