KNEWS DESK- केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली को कुल 1,348 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट से 106 करोड़ रुपये अधिक है। हालांकि, इस बार राजधानी के लिए कोई नई योजना या विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया है।
दिल्ली को मिलने वाली राशि मुख्य रूप से केंद्रीय सहायता, बाहरी परियोजनाओं और अनुदानों के रूप में दी जाएगी। इसमें राजस्व मद के तहत 968.01 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 380 करोड़ रुपये शामिल हैं। पिछले साल के मूल बजटीय अनुमान से तुलना करने पर यह राशि लगभग समान स्तर पर है, यानी सरकार ने संशोधित बजट में हुई कटौती को इस बार संतुलित करने की कोशिश की है।
दिल्ली को मिलने वाली राशि चार प्रमुख मदों में बांटी जाएगी। इसमें केंद्र से मिलने वाली सहायता के रूप में 951 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए, चंद्रावल जल शोधन संयंत्र परियोजना के लिए 380 करोड़ रुपये, आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए 15 करोड़ रुपये, और 1984 दंगा पीड़ितों को मुआवजे के लिए 2 करोड़ रुपये शामिल हैं। इन मदों में भी कोई नई योजना शामिल नहीं है।
विश्लेषकों का कहना है कि अधिकतर राशि प्रशासनिक और बुनियादी जरूरतों पर खर्च होगी। न बिजली, न पानी, न परिवहन से जुड़ी किसी नई राहत या रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं के लिए नई पहल की घोषणा इस बजट में की गई है।
इस वर्ष दिल्ली पुलिस के लिए 12,846.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 586.99 करोड़ रुपये (4.57%) अधिक हैं। इस राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे, आईटी परियोजनाओं और आधुनिक यातायात व संचार नेटवर्क के विकास में किया जाएगा।
राजस्व आवंटन- 11,881.55 करोड़ रुपये – यातायात, संचार नेटवर्क, प्रशिक्षण और नवीनतम तकनीक के लिए
पूंजीगत आवंटन– 964.60 करोड़ रुपये – नई इमारतों का निर्माण, वाहनों और हथियारों की खरीद
इस वर्ष पूंजीगत मद पिछले साल के मुकाबले 21.07 करोड़ रुपये ज्यादा है। अधिकारियों का कहना है कि इस वृद्धि से पुलिस बल को तकनीकी और बुनियादी संरचना के लिहाज से मजबूती मिलेगी, और इससे सेफ सिटी परियोजना जैसी योजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।