KNEWS DESK- अगर आपके बाल शैंपू करने के कुछ घंटों बाद ही चिपचिपे और तैलीय दिखने लगते हैं, तो इसके पीछे सिर्फ ऑयल प्रोडक्शन ही नहीं, बल्कि आपकी रोज़मर्रा की कुछ गलत आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। स्कैल्प में मौजूद सेबेशियस ग्रंथियां सीबम यानी नेचुरल ऑयल बनाती हैं, जो बालों को नमी और सुरक्षा देता है। लेकिन जब सीबम जरूरत से ज्यादा बनने लगे, तो बाल जल्दी गंदे और ऑयली नजर आने लगते हैं।
ज्यादा सीबम क्यों बनता है नुकसानदायक?
स्कैल्प में अधिक सीबम जमा होने से पोर्स ब्लॉक हो जाते हैं। इसका असर सिर्फ बालों की लुक पर नहीं, बल्कि स्कैल्प हेल्थ पर भी पड़ता है। इससे
- खुजली
- डैंड्रफ
- हेयर फॉल
- बदबूदार स्कैल्प
जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
तकिए का कवर समय पर न बदलना
कई लोग तकिए के कवर को हफ्तों तक नहीं बदलते, जो बालों के लिए बेहद नुकसानदायक है। तकिए पर जमा तेल, पसीना और बैक्टीरिया सीधे स्कैल्प के संपर्क में आते हैं, जिससे बाल जल्दी ऑयली हो जाते हैं। बेहतर है कि सिल्क या सैटिन कवर का इस्तेमाल करें और हफ्ते में कम से कम 2 बार कवर बदलें।
कंडीशनर लगाने का गलत तरीका
कंडीशनर बालों को सॉफ्ट बनाने के लिए होता है, लेकिन अगर आप इसे स्कैल्प पर लगा रहे हैं, तो यही आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
- कंडीशनर सिर्फ बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं।
- बहुत ज्यादा या हैवी कंडीशनर से बचें।
- अपने हेयर टाइप के अनुसार ही प्रोडक्ट चुनें।
गंदा हेयर ब्रश भी बढ़ाता है ऑयल
अगर आपका हेयर ब्रश या कंघी साफ नहीं है, तो वो हर बार बालों में पुराना तेल और गंदगी वापस फैला देता है। हफ्ते में कम से कम 2 बार कंघी और ब्रश को गर्म पानी से धोना जरूरी है।
बार-बार बालों को छूने की आदत
बालों को बार-बार छूना या सेट करना भी उन्हें जल्दी ऑयली बना देता है। हाथों में लगी गंदगी, क्रीम और पसीना बालों में ट्रांसफर हो जाता है, जिससे वे जल्दी चिपचिपे दिखते हैं।
स्कैल्प को सही से साफ न करना
अक्सर लोग शैंपू करते समय बालों के सिरों को ज्यादा रगड़ते हैं और स्कैल्प को नजरअंदाज कर देते हैं।
- शैंपू का फोकस हमेशा स्कैल्प क्लीनिंग पर होना चाहिए।
- सिरों पर ज्यादा रगड़ बालों को रूखा बना सकती है।
- गंदा स्कैल्प बालों को जल्दी ऑयली दिखाता है।
ऑयली बालों से बचने के आसान टिप्स
- स्कैल्प को साफ और ड्राई रखें।
- हल्का और सल्फेट-फ्री शैंपू इस्तेमाल करें।
- गुनगुने पानी से बाल धोएं।
- हफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा शैंपू न करें।