Budget 2026: चुनावी राज्यों पर मेहरबान सरकार, तमिलनाडु से लेकर बंगाल, केरल और असम को मिले बड़े तोहफे

KNEWS DESK – केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और रणनीतिक ऐलान किए हैं। खेती, मत्स्य पालन, बागवानी, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं के जरिए न सिर्फ रोजगार बढ़ाने बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप पेश किया गया है।

चुनावी राज्यों पर खास फोकस

तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में जल्द विधानसभा चुनाव होने हैं। बजट में घोषित कई योजनाओं का सीधा लाभ इन्हीं राज्यों को मिलने वाला है। इनमें से असम को छोड़ दें तो बाकी राज्यों में गैर-भाजपा सरकारें हैं, ऐसे में केंद्र का यह कदम राजनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सरकार ने देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। खासतौर पर वाराणसी से सिलीगुड़ी कॉरिडोर को पूर्वी भारत के लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है, क्योंकि सिलीगुड़ी को बंगाल का प्रवेश द्वार कहा जाता है।

मत्स्य पालन और पशुपालन को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने की घोषणा की है। इससे तमिलनाडु, केरल और बंगाल जैसे राज्यों को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।

बजट 2026 में नारियल संवर्धन योजना के तहत उत्पादन बढ़ाने और करीब 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को सहायता देने का ऐलान किया गया है। सरकार का लक्ष्य भारतीय काजू और कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाना है। इसका सीधा लाभ केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के किसानों और प्रोसेसिंग यूनिट्स को मिलेगा।

पर्वतीय और तटीय खेती को नया आयाम

पर्वतीय राज्यों में खुमानी, अखरोट और बादाम जैसी फसलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि तटीय इलाकों में नारियल, काजू और कोको उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि हाई-वैल्यू फसलों से किसानों की आमदनी तेजी से बढ़ाई जा सकती है।

चंदन की खेती का दायरा बढ़ाने के लिए किसानों और राज्यों को विशेष सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देकर औषधीय जड़ी-बूटियां उगाने वाले किसानों को सीधा लाभ देने की योजना है। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को इससे खास फायदा मिलने की उम्मीद है।

खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूती

खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ाने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ शुरू की जाएगी। इसके तहत समर्थ 2.0 मिशन, राष्ट्रीय फाइबर योजना, नेचुरल रेशा योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। टेक्सटाइल सेक्टर में आत्मनिर्भरता और रोजगार बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है।

पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ते हुए एक नए बौद्ध सर्किट की घोषणा भी की गई है। इसमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ असम को भी शामिल किया जाएगा। बौद्ध धर्म से जुड़ी धरोहरों, स्तूपों और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।

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