शिव शंकर सविता- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े ऐलान किए गए। लेकिन बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल आम आदमी के मन में यही है कि अब कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर जेब ढीली करनी पड़ेगी। बजट 2026 में सरकार ने जहां हेल्थ, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सेक्टर्स को राहत दी है, वहीं टैक्स नियमों और शेयर बाजार से जुड़े कुछ फैसलों ने निवेशकों और टैक्सपेयर्स को सतर्क कर दिया है।
ये चीजें हुई सस्ती
1. कैंसर और डायबिटीज की दवाएं
बजट 2026 की सबसे बड़ी राहत हेल्थ सेक्टर से आई है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि कैंसर की 17 जरूरी दवाओं को इंपोर्ट ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा। इसके अलावा डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं के सस्ते होने की संभावना है। इससे लाखों मरीजों और उनके परिवारों का इलाज का खर्च कम होगा।
2. मोबाइल फोन और टैबलेट
मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने स्मार्टफोन और टैबलेट के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत दी है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा और मेड-इन-इंडिया मोबाइल और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं।
3. EV और मोबाइल बैटरी
इलेक्ट्रिक व्हीकल और मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों के कुछ इनपुट्स पर ड्यूटी घटाई गई है। इससे EV की कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
4. सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी प्रोडक्ट्स
ग्रीन ट्रांजिशन पर फोकस करते हुए सरकार ने सोलर पैनल से जुड़े कुछ कच्चे माल पर टैक्स में राहत दी है। इससे सोलर एनर्जी सिस्टम सस्ते हो सकते हैं और आम लोगों के लिए रूफटॉप सोलर लगाना आसान होगा।
5. लेदर प्रोडक्ट और फुटवियर
लेदर और सिंथेटिक फुटवियर से जुड़े कुछ इनपुट्स पर ड्यूटी खत्म या कम की गई है। इससे जूते, बैग और अन्य लेदर प्रोडक्ट्स की कीमतों में नरमी आ सकती है।
6. माइक्रोवेव ओवन और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स
घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले कुछ कंपोनेंट्स पर राहत मिलने से माइक्रोवेव ओवन और कुछ अन्य अप्लायंसेज़ सस्ते हो सकते हैं।
7. खेल-कूद का सामान
बजट 2026 में खेल इक्विपमेंट को किफायती बनाने का ऐलान किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं और खिलाड़ियों को सस्ते दामों पर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट उपलब्ध कराना है।
8. कुछ मिनरल्स और अल्कोहलिक लिकर स्क्रैप
इन पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे इंडस्ट्री को राहत मिलेगी।
ये चीजें हुई महंगी
1. इनकम टैक्स में गलत जानकारी देना
अब अगर कोई टैक्स रिटर्न में गलत जानकारी देता है, तो बकाया टैक्स के बराबर 100% पेनल्टी लग सकती है। यानी टैक्स चोरी अब और महंगी पड़ेगी।
2. चल संपत्ति (Movable Assets) का खुलासा न करना
अब चल संपत्ति छुपाने पर भी पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। सरकार टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है।
3. फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग
शेयर बाजार के सट्टेबाज़ी वाले सौदों पर लगाम लगाने के लिए
👉 STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
इससे F&O ट्रेडिंग महंगी होगी और छोटे निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा।
4. शेयर बायबैक पर टैक्स बोझ
अब कंपनियों के शेयर बायबैक से होने वाली कमाई पर टैक्स का बोझ सीधे निवेशकों पर पड़ेगा, जिसे कैपिटल गेन के तौर पर टैक्स किया जाएगा।