KNEWS DESK – रविवार, 1 फरवरी को संसद, नई दिल्ली में देश का केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया गया। बजट पेश होने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स लगभग 1,900 अंक गिरकर 80,500 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 600 अंकों से ज्यादा गिरकर 24,900 के नीचे फिसल गया।
बाजार विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि सरकार कैपेक्स और इंफ्रा सेक्टर को किस तरह बूस्ट देती है। निवेशक यह भी देख रहे हैं कि LTCG (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन) पर कोई राहत मिलती है या नहीं। इसके साथ ही BSE और NSE पर लिस्टेड कई कंपनियों के शेयरों के लिए बजट के बाद नई उम्मीदें और ट्रिगर्स बन सकते हैं।
अमेरिकी बाजार और ग्लोबल ट्रिगर्स
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कुछ ग्लोबल ट्रिगर्स भी हैं। शुक्रवार को अमेरिका के तीनों प्रमुख इंडेक्स में चौतरफा गिरावट देखने को मिली, हालांकि Dow Jones में लगातार नौवीं मासिक बढ़त दर्ज हुई, जो जनवरी 2018 के बाद सबसे लंबी रही।
डॉलर के मुकाबले एफआईआई की बिकवाली जारी है, और वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली। ये सभी फैक्टर घरेलू बाजारों पर दबाव बनाए रखने में अहम रहे।
बजट भाषण के दौरान और बाद में बाजार की हालत
बजट भाषण के बीच बाजार में तेज गिरावट देखी गई।
- 12:15 बजे के आसपास सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा गिरकर 81,420 के स्तर पर था।
- डे हाई से सेंसेक्स 1,200 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया।
- निफ्टी 300 अंकों की गिरावट के साथ 25,018 के पास था।
- बैंक निफ्टी में भी 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट के तुरंत बाद बाजार में यह गिरावट इन्वेस्टर सेंटिमेंट और एफआईआई की बिकवाली का नतीजा है। वहीं, बजट के प्रावधानों और सेक्टरल हाइलाइट्स को देखकर बाजार अगले कुछ दिनों में स्थिर होने की उम्मीद कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इंफ्रा और कैपेक्स सेक्टर को बढ़ावा देती है, और LTCG पर कोई राहत मिलती है, तो शेयर बाजार में जल्दी ही रिकवरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर बजट की पूरी डिटेल और कंपनियों के Q3 रिजल्ट पर टिकी हुई है।