डिजिटल डेस्क- सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अब अपने फैसले से यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है और स्पष्ट किया है कि यह फैसला उन्होंने बिना किसी दबाव के लिया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और फिलहाल अपने कार्यालय में मौजूद रहकर नियमित रूप से काम कर रहे हैं। मीडिया से बातचीत में प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, “मैंने स्वेच्छा से अपना इस्तीफा वापस लिया है। मुझ पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है। आज मैं अपने ऑफिस में हूं और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे को लेकर जो तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, वे निराधार हैं।
भाई ने लगाए थे फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी लेने के आरोप
हालांकि, इस्तीफा वापसी के साथ ही डिप्टी कमिश्नर ने अपने ही भाई विश्वजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए, जिसने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। प्रशांत कुमार सिंह ने दावा किया कि उनके भाई विश्वजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि विश्वजीत सिंह पर अपने माता-पिता के साथ मारपीट करने का भी आरोप है, जिसको लेकर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जीएसटी अफसर ने मीडिया को यह भी बताया कि उनका भाई मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है और उस गैंग का फाइनेंशियल एडवाइजर भी था।
वसूली और दबाव बनाने का भी लगाया था आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वजीत सिंह लोगों से वसूली करता है और पैसों के लिए दबाव बनाना उसका मुख्य काम है। प्रशांत कुमार सिंह ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई ने जियो कंपनी के एक ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी भी दी है। उन्होंने कहा कि विश्वजीत सिंह एक आदतन अपराधी है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड किसी से छुपा नहीं है।