डिजिटल डेस्क- यूजीसी कानून के विरोध में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को अपने मूल निवास कानपुर पहुंचे। उनके कानपुर पहुंचते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घर पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने अपनी मां से मुलाकात की, जहां मां ने उन्हें माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। इस भावुक क्षण के बाद मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और मिठाई खिलाकर तथा मंदिर ले जाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बुजुर्गों और महिलाओं की भी विशेष मौजूदगी रही। कानपुर पहुंचने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून के विरोध में शुरू किया गया उनका आंदोलन अब केवल व्यक्तिगत विरोध नहीं रहा, बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों से लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं और समर्थन जता रहे हैं।
यूजीसी कानून 2027 के चुनाव को प्रभावित करने के लिए लाया गया- अलंकार अग्निहोत्री
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून को 2027 के चुनाव को प्रभावित करने और उत्तर प्रदेश की राजनीति को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया है। उनका आरोप है कि यह कानून ओबीसी, सामान्य वर्ग और अन्य जातियों को आपस में लड़ाने की साजिश है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर अभी चुनाव हो जाएं, तो केंद्र के शीर्ष नेता अपनी सीटें नहीं बचा पाएंगे। प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले पर भी अलंकार अग्निहोत्री ने प्रतिक्रिया दी।
सीएम योगी पर जताया विश्वास
उन्होंने कहा कि पहले उनका रुख योगी सरकार के प्रति सख्त था, लेकिन अब उसमें नरमी आई है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर उन्हें विश्वास है और उनके लोगों से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि योगी जी उनके प्रदेश के हैं और उनके ही शासन में उन्हें नौकरी मिली थी एससी-एसटी कानून को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो एक सप्ताह बाद दिल्ली कूच किया जाएगा। निलंबन या कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब वापसी का कोई सवाल ही नहीं है। संगठन बनाने के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि संगठन पहले से तैयार है और तीन दिनों के भीतर इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।