शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में बुधवार सुबह सामने आई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। 30 वर्षीय बलराम का शव उसके ही घर में चारपाई पर खून से लथपथ हालत में मिला। गला धारदार हथियार से बेरहमी से रेता गया था और कमरे के भीतर खून फैला हुआ था। शुरुआती तौर पर पुलिस को यह किसी बाहरी हमलावर की वारदात लगी, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो मामला रिश्तों की सबसे काली सच्चाई में बदल गया।
भाई की शिकायत से खुला राज, पत्नी और भांजा निकले हत्यारे
हत्या के मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब मृतक बलराम के भाई ने पुवायां थाने में तहरीर दी। उसने आरोप लगाया कि बलराम की पत्नी पूजा के अपने ही भांजे आदेश के साथ नाजायज संबंध थे और इसी अवैध रिश्ते के चलते बलराम की हत्या की गई है। इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूजा और आदेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कुछ ही घंटों की पूछताछ में रिश्तों और विश्वास के कत्ल की पूरी कहानी सामने आ गई।
काम के बहाने आया भांजा, बन गया प्रेमी
पुलिस के अनुसार, बलराम ने खेतों के बीच अपना मकान बनाया था। कुछ समय पहले उसका भांजा आदेश मामा के काम में मदद के लिए भटपुरा चंदू गांव आया था। इसी दौरान आदेश और उसकी मामी पूजा के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और यह रिश्ता अवैध प्रेम संबंध में बदल गया। पूजा तीन बार आदेश के साथ घर से भाग चुकी थी, लेकिन हर बार पंचायत के दबाव और समझाइश के बाद वह वापस बलराम के पास लौट आती थी और भविष्य में गलती न करने का भरोसा देती थी। बलराम हर बार उस पर विश्वास कर लेता था।
पति को रास्ते से हटाने की रची साजिश
बार-बार पकड़े जाने और पंचायत के डर से पूजा ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए पति को ही रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। पूजा ने पति से छिपाकर एक की-पैड मोबाइल रख रखा था, जिससे वह आदेश से लगातार संपर्क में रहती थी। उसने आदेश को गांव आकर बलराम की हत्या करने के लिए कहा। जब आदेश ने शुरुआत में मना किया तो पूजा ने खुद हत्या कर उसे फंसा देने की धमकी तक दे डाली। आखिरकार फोन पर रची गई इस साजिश के तहत 28 जनवरी को आदेश गांव पहुंचा।
शराब पार्टी और हत्या की रात
आदेश अपने गांव के रामचंद्र को यह कहकर साथ लाया कि वह मामी से मिलकर तुरंत लौट आएगा। रास्ते में सल्लिया गांव से उसने देशी शराब के पांच पैकेट खरीदे। दोनों ने वहीं जमकर शराब पी। इसके बाद देर रात भटपुरा पहुंचे। रामचंद्र बाहर बाइक के पास खड़ा रहा, जबकि आदेश घर के अंदर चला गया। उसी समय पूजा ने पहले बलराम के हाथ बांधे। जैसे ही आदेश अंदर पहुंचा, उसने मामा को पकड़ लिया और पूजा ने धारदार हथियार से बलराम का गला रेत दिया।
हत्या के बाद भी नहीं थमी हैवानियत
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद पूजा और आदेश ने चारपाई के पास पड़े पुआल पर शारीरिक संबंध भी बनाए। इसके बाद आदेश मौके से फरार हो गया। पूजा ने अपने की-पैड मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया, क्योंकि उसे डर था कि कॉल डिटेल से पुलिस उसकी साजिश तक पहुंच सकती है। हालांकि पुलिस ने तकनीकी जांच में यह पता लगा लिया कि 28 जनवरी को पूजा के मोबाइल से आदेश को कई बार कॉल की गई थी।
एक-दूसरे पर आरोप, लेकिन सच सामने
गिरफ्तारी के बाद जब दोनों से आमने-सामने पूछताछ की गई तो कसमों-वादों की सारी बातें हवा हो गईं। पूजा ने कहा कि आदेश ने उसे मजबूर किया और उसी ने गला रेता, जबकि आदेश का कहना है कि पूजा ने पति को मारने और उसे फंसाने की धमकी दी थी और गला भी पूजा ने ही काटा। पुलिस का मानना है कि दोनों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया है और रामचंद्र की भूमिका भी संदिग्ध है।
डेढ़ साल का मासूम भी गया जेल
इस सनसनीखेज मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि हत्या की आरोपी पूजा के साथ उसका डेढ़ साल का मासूम बेटा भी जेल पहुंच गया। परिवार ने बच्चे को अपने पास रखने की कोशिश की, लेकिन मां से बिछड़ते ही वह रोने लगा। मजबूरी में बच्चे को मां के साथ ही जेल भेजना पड़ा।