डिजिटल डेस्क- विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए इस बार प्रशासन और श्री बद्रीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब मंदिर के भीतर और परिसर में मोबाइल फोन या कैमरा लेकर नहीं जा सकेंगे। यह नियम आगामी केदारनाथ यात्रा से पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में मंदिर परिसर और गर्भगृह से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं। कई बार देखा गया कि श्रद्धालु दर्शन से अधिक रील और फोटोग्राफी में व्यस्त नजर आए। इससे न केवल मंदिर की मर्यादा प्रभावित हुई, बल्कि दर्शन पंक्ति में खड़े अन्य भक्तों को भी अनावश्यक देरी और असुविधा झेलनी पड़ी।
पहले भी रोक लगाने के हुए थे प्रयास, पर सफल नहीं हो सके
जिला प्रशासन के अनुसार, पहले भी मोबाइल पर रोक लगाने के प्रयास हुए थे, लेकिन इस बार इसे केवल दिशा-निर्देश तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई श्रद्धालु चोरी-छिपे मोबाइल या कैमरा मंदिर परिसर में ले जाता है या रील बनाते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन इस नियम को लागू करने के लिए ठोस कार्य योजना पर काम कर रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों को विशेष निर्देश दिए जाएंगे ताकि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन न हो।
सर्वसम्मति से लिया गया फैसला- बीकेटीसी उपाध्यक्ष
बीकेटीसी के उपाध्यक्ष विजय कपरवान ने बताया कि समिति की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कुछ लोगों की लापरवाही और सोशल मीडिया की होड़ के कारण पूरे दर्शन अनुभव पर असर पड़ता है। प्रशासन का मानना है कि मोबाइल बैन से भीड़ प्रबंधन आसान होगा और दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी। श्रद्धालु बिना किसी शोर-शराबे और अव्यवस्था के शांत वातावरण में बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही मंदिर परिसर की आध्यात्मिक शांति भी बनी रहेगी।