कट्स से लेकर सेंसर और कलर ग्रेडिंग तक… OTT पर आते ही बदला ‘धुरंधर’ का लुक, नेटफ्लिक्स वर्जन से भड़के फैंस

KNEWS DESK – रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ ने थिएटर में रिलीज के बाद जमकर तहलका मचाया था। सैकड़ों करोड़ की कमाई करने वाली इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से भरपूर सराहना मिली। फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद फैंस इसके दूसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो मार्च में रिलीज होने वाला है। इसी बीच ‘धुरंधर’ ने अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी एंट्री कर ली है, लेकिन यहां आते ही फिल्म विवादों में घिर गई है।

ओटीटी रिलीज से खुश नहीं हुए फैंस

आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर 2025 को थिएटर में रिलीज हुई थी। तभी से दर्शक इसकी ओटीटी रिलीज का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार 30 जनवरी 2026 को फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई, लेकिन रिलीज के साथ ही फैंस की नाराजगी सामने आने लगी। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शिकायत की कि ओटीटी पर उपलब्ध वर्जन थिएटर में दिखाए गए वर्जन से काफी अलग है।

ओटीटी रिलीज से पहले चर्चा थी कि नेटफ्लिक्स पर फिल्म का अनकट वर्जन देखने को मिलेगा, लेकिन फैंस को बड़ा झटका लगा। दर्शकों का दावा है कि ओटीटी वर्जन में करीब 9 मिनट के सीन काट दिए गए हैं। इसके अलावा कई डायलॉग्स को म्यूट कर दिया गया है और कुछ रफ सीन व गालियां भी हटा दी गई हैं। पहले जहां फैंस सीन कट होने से नाराज थे, वहीं अब उनकी शिकायतें और बढ़ती जा रही हैं।

ऑडियो और बैकग्राउंड स्कोर पर भी सवाल

फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने ऑडियो क्वालिटी को लेकर भी नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि ऑडियो लेवल्स और बैकग्राउंड स्कोर थिएटर वर्जन जैसे प्रभावशाली नहीं लगते। इसकी वजह से फिल्म का सिनेमैटिक एक्सपीरियंस कमजोर हो गया है और कई इमोशनल व एक्शन सीन्स का असर पहले जैसा नहीं रहा।

सिर्फ ऑडियो ही नहीं, बल्कि नेटफ्लिक्स के ऑडियो-विज़ुअल प्रेजेंटेशन पर भी सवाल उठ रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि ओटीटी वर्जन में कलर ग्रेडिंग और कॉन्ट्रास्ट थिएटर वर्जन की तुलना में फीके नजर आते हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि फिल्म की कलर ग्रेडिंग डिसैचुरेटेड लग रही है, जिससे ‘धुरंधर’ का असली जोश और विज़ुअल इमोशन कहीं खो सा गया है।

छोटे स्क्रीन पर फीका पड़ा जादू

फैंस का यह भी कहना है कि ‘धुरंधर’ जैसी भव्य और इंटेंस फिल्म का असली मजा बड़े पर्दे पर ही आता है। टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर फिल्म की वही खूबसूरती और प्रभाव महसूस नहीं हो रहा, जो थिएटर में देखने के दौरान था। खासकर एक्शन और इंटेंस सीन ओटीटी वर्जन में उतने दमदार नहीं लग रहे।

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