KNEWS DESK- अयोध्या रेप केस में समाजवादी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी मोईद अहमद को हाल ही में बरी कर दिया गया। इसी मामले में मोईद अहमद के घर पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर कड़ा आरोप लगाते हुए लिखा कि “क्या भेदकारी भाजपा के पास कोई ऐसा बुलडोज़र भी है जो लोगों के टूटे घर को बना दे, उस पर मान-सम्मान का छप्पर फिर से लगा दे।” उन्होंने सरकार की कार्रवाई को नाइंसाफ़ी और विध्वंसकारी बताते हुए कहा कि सत्ताधीश अपने ऊपर लगे मुक़दमे तो हटा सकते हैं, लेकिन जो पाप उन्होंने किए हैं, उनके मुक़दमे ऊपरवाले की अदालत में लिखे जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार का एकतरफ़ा और पक्षपातपूर्ण रवैया स्वयं में गुनाह है। उन्होंने कहा, “भाजपाई अन्याय हारेगा, साज़िश से बड़ी सच्चाई होती है। जो अन्याय और पाप भाजपा कर रही है, उसका हिसाब जरूर लिया जाएगा।”
इस मामले में राजू खान को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 14 साल की सजा सुनाई गई। राजू खान ने नाबालिग लड़की से रेप किया और उसे प्रेग्नेंट किया। दोषी की उम्र 21 साल है।
वहीं, मोईद अहमद, जिनकी उम्र करीब 65 साल है, को अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मोईद अहमद के खिलाफ पीड़िता पर कोई अपराध साबित नहीं हुआ है, इसलिए वे इस मामले में बरी होने के हकदार हैं।
इस घटनाक्रम ने अयोध्या और पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है, जहां कानून और राजनीतिक विवाद दोनों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।