सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर लगाई रोक, कहा भाषा अस्पष्ट और दुरुपयोग संभव

KNEWS DESK – सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूजीसी के नए इक्विटी रूल्स 2026 पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि प्रथम दृष्टया नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से नियमों को संशोधित करने और जांच के लिए एक समिति गठित करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट में पेश वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यूजीसी के नियमों के 3C प्रावधान के तहत जाति आधारित भेदभाव किया गया है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19 के खिलाफ है। जैन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नियम समाज में विभाजन और खाई को बढ़ावा देंगे।

सीजेआई ने कहा, “हम समानता के अधिकार पर गौर कर रहे हैं। देखना होगा कि ये नियम संविधान के अनुरूप हैं या नहीं।” उन्होंने आगे कहा कि नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसे स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की जांच जरूरी है, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र के सॉलिसिटर जनरल (SG) से कहा कि इस मामले की जांच के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों की समिति बनाई जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि तब तक नए नियमों का कोई ऑपरेशन नहीं होगा।

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि राज्यों को अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विशेष कानून बनाने का अधिकार है, लेकिन प्रगतिशील कानून में पीछे हटना उचित नहीं। उन्होंने अमेरिका के पृथक विद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में ऐसा विभाजन नहीं होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई के बाद पूरे देश में यूजीसी के नए नियमों को लेकर चल रहा विवाद और छात्र-समुदाय की चिंता और बढ़ गई है। नियमों के दुरुपयोग और जाति आधारित भेदभाव के आरोपों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र से जवाब तलब किया और नियमों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया।

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