UGC नियमों को लेकर बीजेपी में बढ़ा विरोध, यूपी में BJP के 20 नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दिया, पार्टी भटकने का आरोप लगा

KNEWS DESK- देश भर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर विरोध तेज़ हो गया है। बीजेपी में भी इसका विरोध बढ़ता जा रहा है और कई नेता अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में बीजेपी के 20 नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इसमें सेक्टर अध्यक्ष और चार बूथ अध्यक्ष भी शामिल हैं।

सिर्फ इस्तीफा ही नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी का झंडा भी जला दिया। सभी इस्तीफे मऊ के बीजेपी अध्यक्ष को सौंपे गए हैं। इसे पार्टी के लिए संकट की शुरुआत माना जा रहा है क्योंकि मामला अब सामूहिक इस्तीफों तक पहुँच गया है।

‘पार्टी भटक रही है’

मऊ के सेक्टर 356 के सेक्टर अध्यक्ष राम सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पार्टी अपनी मूल विचारधारा से भटक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC नियमों में संशोधन कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकते।

राम सिंह ने लिखा,दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस उद्देश्य से पार्टी का निर्माण किया था, उस रास्ते से पार्टी भटक रही है। UGC कानून लागू करके हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिस वजह से मैं और मेरे सभी सहयोगी इस्तीफा दे रहे हैं। उनके साथ चार बूथ अध्यक्ष और 14 अन्य कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दिया।

UGC नियमों का विरोध, सवर्ण समाज में नाराजगी

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए UGC ने 13 जनवरी को नए नियम लागू किए। सवर्ण समाज का मानना है कि इन नियमों से सवर्ण छात्रों के लिए पढ़ाई मुश्किल हो जाएगी।

नए नियमों में प्रावधान है कि SC/ST या OBC वर्ग के छात्र जातिगत भेदभाव की शिकायत कर सकते हैं, और महीनेभर के अंदर कार्रवाई होगी। सवर्ण छात्रों का आरोप है कि नियम लागू करने से उन्हें पहले ही ‘अपराधी’ मान लिया गया है और झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

भविष्य में क्या हो सकता है?

बीजेपी में इस्तीफे और विरोध के बढ़ते मामलों से यह स्पष्ट है कि UGC के नियमों को लेकर पार्टी में भीतर से भी विवाद बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ऐसा चल रहा है, तो पार्टी को जनता और अपने कार्यकर्ताओं के विश्वास को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *