चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी के सौरभ जोशी की जीत, AAP और कांग्रेस को हराया

KNEWS DESK – चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर का चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आसान मुकाबले में जीत लिया है। बीजेपी के सौरभ जोशी अब चंडीगढ़ के नए मेयर होंगे। सौरभ जोशी पंजाब बीजेपी के स्टेट मीडिया हेड विनीत जोशी के सगे भाई हैं।

चुनाव में नगर निगम के 35 पार्षद और चंडीगढ़ के सांसद ने गुरुवार को वोट डाले। इस बार सीक्रेट बैलेट की बजाय ओपन वोटिंग कराई गई, जिसमें पार्षदों ने अपनी सीट से हाथ उठाकर मतदान किया। वोटिंग के परिणाम के अनुसार सौरभ जोशी को 18 वोट मिले। आम आदमी पार्टी (AAP) के खाते में 11 और कांग्रेस के पक्ष में कुल 7 वोट पड़े। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अपने एक मत के साथ कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी का समर्थन किया।

चुनाव प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई थी। वोटिंग से पहले AAP और कांग्रेस के उम्मीदवारों में से किसी ने भी अपना नाम वापस नहीं लिया। प्रिजाइडिंग ऑफिसर ने उम्मीदवारों से पूछा कि क्या कोई अपना नाम वापस लेना चाहता है, लेकिन कोई खड़ा नहीं हुआ।

तीनों प्रमुख दलों—BJP, AAP और कांग्रेस—ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे। वोटिंग से पहले नंबर गेम में बीजेपी आगे थी, क्योंकि निगम में उसके पास 18 पार्षद थे। वहीं, AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद थे।

चुनाव से पहले पार्षदों के टूटने का डर भी देखा गया। इसी कारण AAP के पार्षद पंजाब के रोपड़ और बीजेपी के सभी पार्षद हरियाणा के मोरनी हिल्स के रिजॉर्ट में भेजे गए थे। हालांकि यह देखा जा रहा था कि कहीं कोई पार्षद क्रॉस वोटिंग तो नहीं करता।

यदि ऐन मौके पर AAP और कांग्रेस एक साथ आ जाते और अपने पार्षदों का समर्थन मिलाकर 18 वोट बना लेते, तो बीजेपी के 18 वोटों के बराबर स्थिति बन जाती और मेयर का चुनाव पर्ची ड्रॉ के जरिए होना पड़ता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत दर्ज की।

चुनाव से पहले कांग्रेस के उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि वे किसी भी हाल में अपना नाम वापस नहीं लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि AAP के पार्षद ऐन मौके पर उनका समर्थन करेंगे। वहीं, AAP के चंडीगढ़ सह-प्रभारी डॉ. एसएस अहलूवालिया ने कहा कि चुनाव के दिन क्या होगा यह उसी समय पता चलेगा, लेकिन हर पार्टी अपनी जीत के लिए पूरी मेहनत कर रही है।

इस प्रकार, अंततः बीजेपी ने अपना बहुमत कायम रखते हुए चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर की कुर्सी अपने नाम की, जबकि AAP और कांग्रेस उम्मीद के अनुरूप गठबंधन या समर्थन नहीं कर पाए।

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