डिजिटल डेस्क- चंडीगढ़ से सटे पंजाब के मोहाली में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब जिला पुलिस मुख्यालय यानी SSP ऑफिस के बाहर दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। इस दुस्साहसिक हत्याकांड ने न सिर्फ इलाके में दहशत फैला दी, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब गुरप्रीत सिंह मोहाली कोर्ट में पेशी के लिए आया था। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह SSP ऑफिस और प्रशासनिक परिसर के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गुरप्रीत को तीन गोलियां लगीं, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हमलावर फरार हो चुके थे।
हाई-सिक्योरिटी जोन में वारदात, सुरक्षा पर सवाल
जिस स्थान पर यह फायरिंग हुई, वह मोहाली का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित इलाका माना जाता है। घटनास्थल के बिल्कुल पास SSP ऑफिस के अलावा डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय, कोर्ट परिसर और जिले के कई अन्य प्रशासनिक दफ्तर स्थित हैं। आमतौर पर इस इलाके में 30 से 40 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। इसके बावजूद बदमाशों का इतनी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने आसपास के रास्तों पर नाकाबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
एनडीपीएस केस में आरोपी था मृतक: DIG नानक सिंह
रोपड़ रेंज के DIG नानक सिंह ने मीडिया को बताया कि मृतक गुरप्रीत सिंह एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में कोर्ट में पेशी पर आया था। उन्होंने कहा, “गुरप्रीत सिंह के खिलाफ अफीम रिकवरी का मामला दर्ज है और वह फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर था। उसका आपराधिक बैकग्राउंड भी सामने आया है।” DIG के मुताबिक, इस हत्याकांड में दो हमलावर शामिल थे और उन्होंने कई राउंड फायरिंग की। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आपसी रंजिश की आशंका, CCTV खंगाल रही पुलिस
प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक और हमलावरों के बीच पुरानी दुश्मनी हो सकती है। इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके फरार होने के रास्ते का पता लगाया जा सके। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मृतक के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
SSP ऑफिस जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके में हुई इस वारदात ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है। लोग पूछ रहे हैं कि जब पुलिस मुख्यालय के बाहर कोई सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।