पटना हॉस्टल छात्रा मौत मामला: संसद परिसर में पप्पू यादव का जोरदार विरोध, बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

डिजिटल डेस्क- बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बुधवार को दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बिहार सरकार, पुलिस और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में “बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश” की जा रही है और इंसाफ की जगह लीपापोती हो रही है। पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज बिहार में बेटियों को भी जाति के आधार पर बांटा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद न तो किसी डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई है और न ही किसी डॉक्टर से गंभीर पूछताछ की गई है। उल्टे, उन्होंने दावा किया कि प्रभावशाली नेताओं, अफसरों और डॉक्टरों के परिवारों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि पीड़ित परिवार को ही परेशान किया जा रहा है।

“एफआईआर में देरी, सबूतों से छेड़छाड़” का आरोप

सांसद पप्पू यादव ने मामले की टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना 6 तारीख को हुई, लेकिन एफआईआर 9 तारीख को दर्ज की गई। उन्होंने पूछा कि इन तीन दिनों में आखिर क्या हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई कपड़े साफ कर दिए गए, मोबाइल फोन हटा दिए गए और पूरे मामले को अलग दिशा में मोड़ने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि पहले यह दावा किया गया कि छात्रा के साथ कोई अत्याचार नहीं हुआ और उसने नींद की गोली खा ली थी, जबकि कमरे से ऐसी किसी दवा का कोई सबूत नहीं मिला। “अगर नींद की गोली खाई गई थी, तो वह कहां है? कमरे में कुछ मिला ही नहीं,” पप्पू यादव ने सवाल किया।

डॉक्टरों और जांच एजेंसियों पर भी निशाना

पप्पू यादव ने पीएमसीएच से जुड़े डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब पीएमसीएच के एक डॉक्टर ने रिपोर्ट दी, तो उस पर दबाव बनाया गया और फिर मामले को एम्स डायवर्ट कर दिया गया। उन्होंने डॉक्टर सतीश, डॉक्टर सदानंद, डॉक्टर अभिषेक और पीएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट का नाम लेते हुए पूछा कि इस पूरे मामले में सच्चाई क्या है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसआईटी और सीआईडी मिलकर “पूरी ताकत से बड़ी मछली को बचाने” में लगी हुई हैं। उनके मुताबिक, हॉस्टल, डॉक्टर और थाना तीनों की मिलीभगत से यह पूरा खेल खेला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हॉस्टल की बच्चियों के साथ सेक्स रैकेट से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन उन पर पर्दा डाला जा रहा है।

पीड़ित परिवार के डीएनए सैंपल पर भड़के पप्पू यादव

इससे पहले जांच एजेंसियों द्वारा मृत छात्रा के पिता, भाई और मामा के डीएनए सैंपल लिए जाने पर भी पप्पू यादव ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस की इस कार्रवाई को “बेगैरती” करार दिया और कहा कि जो परिवार इंसाफ के लिए लड़ रहा है, उसी का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परिवार का कोई सदस्य दोषी होता, तो क्या वे सड़कों पर उतरकर और संसद परिसर में प्रदर्शन कर न्याय की मांग करते?

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