राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, विपक्ष ने किया हंगामा

डिजिटल डेस्क- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले दशक में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया और सामाजिक सुरक्षा का लाभ 25 करोड़ से बढ़ाकर 95 करोड़ लोगों तक पहुँचाया गया। राष्ट्रपति ने सांसदों से सदन चलाने में सहयोग की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग के लिए काम कर रही है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए बनाए गए विकसित भारत-ग्राम कानून का जिक्र किया और बताया कि इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित होगा।

सत्ता पक्ष ने जताई सहमति तो विपक्ष ने अड़ाई टांग

हालांकि, इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने कानून को वापस लेने की मांग करते हुए विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया। जब NDA-BJP सांसदों ने राष्ट्रपति के सुझाव की तारीफ में मेजें थपथपाईं, विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध स्वर व्यक्त करने लगे। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पिछले 10-11 वर्षों में सभी क्षेत्रों में मजबूत नींव तैयार होने की बात कही। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और हर पैसे के सही उपयोग का भी दावा किया। साथ ही, उन्होंने एआई के दुरुपयोग, डीप फेक और फर्जी सामग्री को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और सांसदों से मिलकर इन विषयों पर विचार करने का आग्रह किया।

ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई का हुआ जिक्र

राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और माओवादी उग्रवाद पर निर्णायक कार्रवाई का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन उपायों से माओवादी आतंक की चुनौती काफी हद तक कम हुई है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि खुशहाल किसान विकसित भारत की पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा उन्होंने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ की सराहना की, जिससे गांवों के विकास में नई गति मिलने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित होने की उम्मीद है। इस संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने संसद में सभी सांसदों से मिलकर सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण को अपने प्रमुख एजेंडे के रूप में ले कर चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी पक्षों का योगदान आवश्यक है और यही मिलकर काम करने की भावना देश को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाएगी।

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