डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर चार्टर प्लेन क्रैश में मौत ने पूरे राज्य और देश को शोक में डाल दिया। इस हादसे में विमान में सवार कुल 5 लोगों की जान गई। हादसे के बाद कई दिग्गज नेताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तुरंत घटना की निष्पक्ष और गहन जांच की अपील की है। घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम आज ही सैंपल एकत्र करेगी, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। हादसे के बाद VSR एविएशन के मालिक और निदेशक विजय कुमार सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्लेन पूरी तरह मेंटेन था और उसके पायलट बेहद अनुभवी थे। विजय कुमार सिंह के मुताबिक, “लैंडिंग का फैसला पायलट का था। उन्होंने रन-वे 29 से अप्रोच किया, लेकिन यह प्रयास असफल रहा। इसके बाद उन्होंने रन-वे 11 से लैंड करने की दूसरी कोशिश की। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना रही। हम सबसे पहले उन परिवारों के पास हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया।”
पायलट और क्रू के अनुभव पर जोर
विजय ने बताया कि मुख्य पायलट 16,000 घंटे का उड़ान अनुभव रखते थे, जबकि सह-पायलट के पास 1,500 घंटे का अनुभव था। उन्होंने कहा कि मुख्य पायलट ने पहले सहारा, जेटलाइट और जेट एयरवेज जैसी कंपनियों के लिए भी उड़ान भरी थी और Learjet 45 जैसे जेट विमान का उन्हें अच्छा अनुभव था। पायलटों को लेकर उन्होंने कहा, “कैप्टन सुमित कपूर मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे, उनका बेटा भी हमारे साथ पायलट है। कैप्टन शाम्भवी पाठक मेरी बेटी जैसी थीं। वे दोनों बहुत अच्छे इंसान और बेहद सक्षम पायलट थे।” प्लेन के मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठने पर उन्होंने साफ किया कि “विमान को अच्छी तरह से मेंटेन किया गया था और कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। हादसे की वजह संभवतः रन-वे की कम विजिबिलिटी हो सकती है।”
2023 के हादसे की तुलना
विजय कुमार सिंह ने 2023 के मुंबई एयरपोर्ट हादसे की भी बात की, जिसमें भारी बारिश और कम विजिबिलिटी के कारण टचडाउन के दौरान पायलट रनवे से फिसल गया था। उन्होंने कहा, “उस समय भी स्थिति कठिन थी, लेकिन यह अलग घटना थी। आज की घटना उसी श्रेणी में नहीं आती। हम पूरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ साझा कर रहे हैं।”