शिव शंकर सविता- भारत के आर्थिक इतिहास में 1 फरवरी 2026 एक अहम तारीख के रूप में दर्ज होने जा रही है। इस दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। खास बात यह है कि यह पहली बार होगा जब देश का आम बजट रविवार के दिन संसद में रखा जाएगा। सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश होने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के साथ निर्मला सीतारमण एक नया रिकॉर्ड अपने नाम करेंगी। लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली निर्मला सीतारमण देश की इकलौती वित्त मंत्री बन जाएंगी। उन्होंने 2019 में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली थी और तब से लेकर अब तक हर बजट को अपने अलग अंदाज़ और सुधारवादी सोच के साथ पेश किया है। इस बार का बजट न केवल आर्थिक लिहाज से अहम माना जा रहा है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी इसकी बड़ी अहमियत है।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र इस बार 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में संबोधन से होगी। इसके बाद 30 जनवरी को सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे 2026 संसद के पटल पर रखा जाएगा। यह दस्तावेज बीते एक साल में देश की आर्थिक स्थिति का आईना होता है और आने वाले साल के लिए सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत देता है। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद कुछ दिनों का अवकाश होगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान बजट पर चर्चा, मंत्रालयों की अनुदान मांगें और अन्य अहम विधेयक पारित किए जाएंगे।
आर्थिक सर्वे से मिलेंगे बड़े संकेत
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार आर्थिक सर्वे 2026 इस बार खास माना जा रहा है। इसमें कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र, रोजगार, महंगाई और राजकोषीय घाटे जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मांग को लेकर सरकार की रणनीति इस सर्वे में साफ झलकेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव कवरेज
बजट और आर्थिक सर्वे का सीधा प्रसारण आम जनता के लिए संसद टीवी और दूरदर्शन पर उपलब्ध होगा। इसके अलावा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट indiabudget.gov.in पर बजट भाषण, दस्तावेज और आंकड़े रियल टाइम में देखे जा सकेंगे। कई सरकारी यूट्यूब चैनल और न्यूज पोर्टल भी लाइव अपडेट देंगे। इस बार के बजट से मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत, बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश और रोजगार सृजन को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। निर्मला सीतारमण पहले ही डिजिटल और पेपरलेस बजट की परंपरा शुरू कर चुकी हैं। अब 1 फरवरी को सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए क्या बड़े फैसले लेती है।