डिजिटल डेस्क- देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए यह हफ्ता परेशानी भरा साबित हो रहा है। बीते तीन दिनों से लगातार बैंक बंद रहने के बाद आज जब बैंक खुलने की उम्मीद थी, तो सरकारी बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया। ऐसे में जिन ग्राहकों का खाता सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में है, उन्हें आज शाखा से जुड़े कई जरूरी कामों के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आज ऑल इंडिया बैंक स्ट्राइक पर हैं। उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि बैंकिंग सेक्टर में भी तुरंत हफ्ते में पांच दिन काम (5 Day Working) का नियम लागू किया जाए। यह व्यवस्था पहले ही बीमा क्षेत्र में लागू हो चुकी है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर में इसे लेकर अभी तक सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है।
किसने बुलाई है हड़ताल?
आज की हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है। यह नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का साझा मंच है, जिसमें बैंक अधिकारी और कर्मचारी दोनों शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) से कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
तीन दिन पहले ही बंद थे बैंक
गौरतलब है कि बैंक पहले ही लगातार तीन दिनों तक बंद रहे। 24 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण अवकाश था, 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के चलते राष्ट्रीय अवकाश रहा। अब 27 जनवरी को हड़ताल के कारण बैंक शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को लगातार चार दिन तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों पर पड़ने की संभावना है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल हैं। आज शाखा से जुड़े कामकाज जैसे कैश जमा करना, पैसे निकालना, चेक क्लियरेंस और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहेंगे। हालांकि, राहत की बात यह है कि UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। लेकिन लगातार कई दिनों तक शाखाएं बंद रहने के कारण कुछ जगहों पर ATM में कैश की कमी की समस्या सामने आ सकती है।
यूनियनों की क्या है मांग?
HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों के कामकाज पर इस हड़ताल का खास असर नहीं पड़ेगा। वजह यह है कि इन बैंकों के कर्मचारी UFBU का हिस्सा नहीं हैं और वे हड़ताल में शामिल नहीं हो रहे। बैंक यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में IBA के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में हर शनिवार अवकाश पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने अब तक इसे अधिसूचित नहीं किया। यूनियनों का दावा है कि शनिवार की छुट्टी से काम के घंटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि बैंककर्मी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। फिलहाल, हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं और आम ग्राहक असमंजस में हैं कि उनका जरूरी काम कब हो