KNEWS DESK – बिलासपुर पुलिस ग्राउंड इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर खासा गौरवशाली माहौल लिए नजर आया। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जो पिछले 23 वर्षों में पहली बार किसी मुख्यमंत्री द्वारा बिलासपुर में किया गया ध्वजारोहण था। मुख्यमंत्री के आगमन ने न केवल समारोह की गरिमा बढ़ाई, बल्कि शहरवासियों में गर्व और उत्साह का माहौल भी पैदा किया।
23 वर्षों बाद दोहराया गया इतिहास
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद 2001 से 2003 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बिलासपुर में ध्वजारोहण किया था। इसके बाद यह सम्मान लंबे समय तक बिलासपुर को नहीं मिला। वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा तिरंगा फहराने के साथ यह ऐतिहासिक अवसर दोबारा सामने आया और समारोह की विशेषता बढ़ गई।
हर साल अलग नेतृत्व, अलग पहचान
बीते वर्षों में गणतंत्र दिवस पर अलग-अलग जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया। 2024 और 2025 में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, 2022 और 2023 में तत्कालीन विधायक रश्मि सिंह, और 2021 में उमेश पटेल मुख्य अतिथि रहे। हर वर्ष नेतृत्व बदलने के साथ समारोह की शैली और पहचान में भी अंतर देखा गया, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
समारोह में शामिल स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के आगमन को बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण बताया। लोकल लोगों का कहना था कि कभी नक्सलवाद के नाम से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकास की राह पर है।
शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
बिलासपुर में पढ़ाई कर रही गरिमा पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री का यहां आकर तिरंगा फहराना गर्व की बात है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की, जैसे सेंट्रल लाइब्रेरी और सेंट्रल यूनिवर्सिटी। साथ ही उन्होंने स्कूल-कॉलेज, खासकर गर्ल्स स्कूल-कॉलेज के आसपास सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता भी जताई।
विकास और रोजगार की उम्मीदें
स्थानीय नागरिक रवींद्रनाथ कौशिक ने कहा कि बिलासपुर लंबे समय तक विकास में उपेक्षित रहा, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री का ध्वजारोहण बिलासपुर के लिए सम्मान का विषय है। उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया ताकि विकास की तस्वीर और बेहतर हो सके।
नक्सलवाद से शांति की ओर
आराधना पाटनवार ने कहा कि हर साल वे गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होती हैं, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग और खास रहा। उनका कहना था कि नक्सलवाद अब सीमित क्षेत्रों तक रह गया है और राज्य धीरे-धीरे विकास और शांति का प्रतीक बन रहा है।
23 वर्षों बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बिलासपुर में तिरंगा फहराना न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि भावनात्मक रूप से भी शहरवासियों के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बन गया। यह समारोह बिलासपुर के विकास, सुरक्षा और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बनकर यादगार बन गया।