शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से दिल को झकझोर देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। एक पल की जल्दबाजी ने पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। शादी समारोह में शामिल होने निकला परिवार कभी नहीं सोच सकता था कि खुशियों का यह सफर इतना भयावह अंत देखेगा। सैनी कोतवाली क्षेत्र के सिराथू रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर मां और मासूम बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी चंद कदमों की दूरी पर बाल-बाल बच गई। यह मंजर देखकर वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप उठी।
पांच साल की बेटी के साथ कानपुर में शादी में जा रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, सिराथू तहसील क्षेत्र के गौसपुर नवावां गांव निवासी जाहिद अपनी पत्नी बानो (32), पांच साल की बेटी हमीरा और दस साल की बेटी सकीरा के साथ कानपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। परिवार स्टेशन पहुंचा तो कानपुर जाने वाली ट्रेन प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। ट्रेन छूटने के डर में जाहिद और उसका परिवार फुटओवर ब्रिज से जाने की बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार करने लगा। इसी जल्दबाजी ने मौत को न्योता दे दिया। बानो अपनी छोटी बेटी हमीरा को लेकर ट्रैक पार कर ही रही थी कि उसी वक्त कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही मेमो ट्रेन तेज रफ्तार से आ गई। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, ट्रेन ने मां-बेटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों के शरीर के कई टुकड़े हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मां के पीछे चल रही बड़ी बेटी चमात्कारिक रूप से बची
मां के पीछे-पीछे चल रही बड़ी बेटी सकीरा कुछ कदम पीछे रह गई, जिससे वह चमत्कारिक रूप से बच गई। वहीं, कुछ ही दूरी पर खड़े जाहिद की आंखों के सामने उसकी पत्नी और मासूम बेटी की जान चली गई। यह दृश्य देखकर वह बदहवास हो गया और जोर-जोर से चिल्लाकर रोने लगा। स्टेशन पर मौजूद लोग भी यह भयावह मंजर देखकर सन्न रह गए। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। शवों के क्षत-विक्षत टुकड़ों को पॉलीथीन में इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। स्टेशन परिसर में मातम पसरा रहा। कुछ ही देर में परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जिनका रो-रोकर बुरा हाल था। खुशियों से भरा घर एक झटके में उजड़ गया।