कानपुरः हैलेट अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में घुसा आवारा कुत्ता, तीमारदारों ने वायरल वीडियो कर उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

शिव शंकर सविता- कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलेट अस्पताल एक बार फिर लापरवाही के आरोपों में घिर गया है। इस बार मामला बेहद संवेदनशील है, क्योंकि अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के अंदर एक आवारा कुत्ते के खुलेआम घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि नवजात शिशुओं और उनकी माताओं की सेहत को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस वार्ड में प्रसव के बाद मां और नवजात बच्चों को रखा जाता है, उसी वार्ड में एक आवारा कुत्ता बेखौफ होकर घूम रहा है। हैरानी की बात यह है कि काफी देर तक कुत्ता वार्ड के अंदर मौजूद रहा, लेकिन किसी भी कर्मचारी, नर्सिंग स्टाफ या सुरक्षा कर्मी ने उसे बाहर निकालने की कोशिश नहीं की। जहां सबसे अधिक सतर्कता और स्वच्छता की जरूरत होती है, वहीं इस तरह की लापरवाही ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।

वीडियो वायरल होते ही लोगों में दिखी नाराजगी

बताया जा रहा है कि यह वीडियो वार्ड में भर्ती एक मरीज के तीमारदार ने बनाया है। उसने मोबाइल कैमरे से इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो सामने आते ही लोगों में नाराजगी साफ देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर जच्चा-बच्चा वार्ड जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर आवारा जानवर घुस सकता है, तो अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों से संक्रमण फैलने का खतरा काफी अधिक होता है। नवजात शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है और ऐसे में किसी भी तरह का संक्रमण उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा कुत्ते के काटने का खतरा भी पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। यही कारण है कि अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर सख्त मानक तय किए गए हैं।

प्रिंसिपल ने दिए जांच के आदेश

इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों की आवाजाही रोकने को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कानपुर जिला प्रशासन ने भी आदेश जारी किए हैं कि अस्पताल, स्कूल, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संबंधित विभाग नोडल अधिकारी नियुक्त करें। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि उनके परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी न हो और यदि कहीं कुत्ते नजर आएं तो नगर निगम को तुरंत सूचना दी जाए, ताकि नसबंदी और निस्तारण की कार्रवाई हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस दिन और किस वार्ड का है। उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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