डिजिटल डेस्क- बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसमें एक हिंदू युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। यह घटना नरसिंहदी इलाके की बताई जा रही है, जहां चंचल चंद्र भौमिक नामक युवक की गैराज में सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल और गहरा हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, चंचल चंद्र भौमिक नरसिंहदी में रूबल मियां के एक गैराज में काम करता था और वहीं रहता भी था। शुक्रवार रात काम खत्म करने के बाद वह गैराज में ही सो गया था। इसी दौरान देर रात एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचा और गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग इतनी तेज थी कि चंचल को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बांग्लादेश के पत्रकार ने सोशल मीडिया में पोस्ट साझा कर दी जानकारी
बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि हाल के महीनों में हिंदू युवकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इससे पहले मेमनसिंह में दीपू चंद्र दास को जलाकर मारा गया, फिर शरियातपुर में खोकन चंद्र दास की हत्या हुई और अब नरसिंहदी में चंचल चंद्र भौमिक को जिंदा जला दिया गया। सलाह उद्दीन के अनुसार, चंचल कोमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था। पिता की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी मां लंबे समय से बीमार है और उसका एक भाई दिव्यांग है। चंचल पिछले छह वर्षों से नरसिंहदी में रहकर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
पूरी घटना सीसीटीवी में कैद
स्थानीय लोगों का कहना है कि पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज में देखा गया कि आरोपी आग लगाने के बाद काफी देर तक वहीं खड़ा रहा और जब उसे यकीन हो गया कि चंचल की मौत हो चुकी है, तब वह वहां से चला गया। चंचल के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आशंका जताई है कि हत्या के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं। इस घटना के बाद बांग्लादेश के हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। संगठनों ने सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ऐसी घटनाओं में तेजी देखी गई है।