KNEWS DESK- आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 से बाहर किए जाने के बाद अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। बीसीबी ने आईसीसी के फैसले को स्वीकार करते हुए कहा है कि इस मामले में बोर्ड के पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। आईसीसी ने शनिवार को बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की टीम को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया था।
7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप 2026 की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं। बांग्लादेश को ग्रुप सी में रखा गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उसने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था और अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी।
बीसीबी मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने इस पूरे मामले पर बोर्ड का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, लेकिन यह स्पष्ट था कि आईसीसी न तो बांग्लादेश की मांग स्वीकार करेगा और न ही ऐसा करना चाहेगा।
हुसैन ने कहा, “हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन हमें पहले से अंदाजा था कि आईसीसी हमारी मांग को नहीं मानेगा। इसके बावजूद हमने कई बार अपील की, लेकिन जब बोर्ड ने बहुमत से फैसला ले लिया कि मैचों का वेन्यू नहीं बदला जाएगा, तो हमारे पास आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं बचा।
अमजद हुसैन ने स्पष्ट किया कि बीसीबी ने अंततः आईसीसी के फैसले का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने साफ कर दिया था कि बांग्लादेश के मैच श्रीलंका में स्थानांतरित नहीं किए जा सकते।
उन्होंने कहा, “आईसीसी ने यह स्पष्ट कर दिया कि हमारे मैच श्रीलंका में नहीं कराए जा सकते। जब उनका रुख बिल्कुल साफ था, तो हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे। इसलिए हमने उनके फैसले को स्वीकार कर लिया।”
बीसीबी मीडिया प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश बोर्ड इस मुद्दे पर किसी अलग मध्यस्थता या अन्य प्रक्रिया का सहारा नहीं लेगा।
हुसैन ने कहा, “हम भारत जाकर नहीं खेल सकते और इस पर हमारा रुख साफ है। हम किसी अलग मध्यस्थता या किसी अन्य प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। हमने इस मामले में सरकार से भी बातचीत की थी।”
अमजद हुसैन के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने साफ तौर पर कहा था कि विश्व कप खेलने के लिए भारत जाना खिलाड़ियों, पत्रकारों और टीम के साथ जाने वाले सभी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होगा।
उन्होंने बताया, “सरकार की राय थी कि भारत जाना हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए सुरक्षित नहीं है। इसी वजह से हमने आईसीसी से अनुरोध किया था कि हमारे मैच श्रीलंका में कराए जाएं। लेकिन कई दौर की बैठकों के बाद भी आईसीसी इस पर सहमत नहीं हुआ।”