नोएडा सेक्टर-150 हादसा: युवराज मेहता मौत मामले में बड़ी कार्रवाई, दो और बिल्डर गिरफ्तार, NGT और CM के एक्शन से हड़कंप

डिजिटल डेस्क- सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के संज्ञान लेने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद पुलिस, प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने दो और बिल्डरों रवि बंसल और सचिन करनावल को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस बिल्डर अभय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसे कोर्ट ने 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में जल संरक्षण कानून और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जांच में सामने आया है कि जिस निर्माणाधीन साइट में युवराज की कार गिरी, वहां करीब 70 फीट गहरा गड्ढा लंबे समय से भरा हुआ था, लेकिन उसे न तो सुरक्षित किया गया और न ही जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था की गई।

NGT ने बताया पर्यावरणीय लापरवाही

NGT ने इस हादसे को सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि पर्यावरण नियमों और जल प्रबंधन में गंभीर लापरवाही करार दिया है। ट्रिब्यूनल ने नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि वर्षों से बने जलभराव को खत्म करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। NGT के इस सख्त रुख के बाद प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। मामले के तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। इसके तुरंत बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम. को हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। साथ ही मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया। SIT ने घटनास्थल और नोएडा अथॉरिटी कार्यालय का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की। SIT को पांच दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी है, जिसके बाद जिम्मेदारों पर और कड़ी कार्रवाई संभव है।

“मेरा बेटा चीखता रहा, सिस्टम सोता रहा”

युवराज के पिता राजकुमार मेहता का दर्द हर किसी को झकझोर देने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, SDRF, NDRF और फायर ब्रिगेड की भारी लापरवाही रही। उनका कहना है कि युवराज कार की छत पर खड़ा होकर मोबाइल की टॉर्च जलाते हुए चीखता रहा“मुझे बचाओ, मुझे ठंडे पानी से निकालो”, लेकिन सिस्टम की नाकामी के चलते उसकी जान चली गई। राजकुमार मेहता ने बताया कि युवराज गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और वर्क फ्रॉम होम करता था। घटना वाले दिन वह ऑफिस पार्टी में गया था। पिता ने भावुक होकर कहा, “मुझे नहीं पता था कि वह इतना लेट होगा कि फिर कभी लौटकर नहीं आएगा।”

SIT जांच से संतुष्ट परिवार

युवराज के पिता ने SIT गठन पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि अब तक तीन बिल्डरों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो इस हादसे के जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर उनका बेटा पार्टी में गया था, तो जब वह मदद के लिए चिल्ला रहा था, तब सिस्टम कहां था?

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